ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- सिविल अस्पताल अर्की में आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा माता एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल तथा कुष्ठ रोग रोकथाम को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें करीब 45 लोगों ने भाग लिया।

पहले सत्र में सपना ठाकुर ने गर्भावस्था के दौरान पोषण, नियमित जांच, टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव और प्रसव उपरांत देखभाल की जानकारी दी। उन्होंने समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-कैल्शियम सेवन और किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया। साथ ही नवजात शिशु के लिए स्तनपान, टीकाकरण, स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के उपाय बताए गए। उन्होंने कहा कि शिशु के पहले 1000 दिन उसके संपूर्ण विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

दूसरे सत्र में डॉ. विजय कुमार शांडील, काउंसलर एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सेवाएं, सिविल अस्पताल अर्की ने कुष्ठ रोग के कारण, लक्षण और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह बीमारी समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकती है। शुरुआती लक्षणों में त्वचा पर सुन्न या सफेद धब्बे और हाथ-पैरों में सुन्नता शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रोग सामाजिक संपर्क से नहीं फैलता और मरीजों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने कहा कि माता-शिशु स्वास्थ्य और कुष्ठ रोग नियंत्रण सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क जांच, दवाइयां और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका लाभ सभी को लेना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। उपस्थित लोगों ने सत्र को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।



