अंबुजा-अडानी सीमेंट समझौता लागू करवाने की मांग, पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा और परसराम ठाकुर ने की संयुक्त प्रेसवार्ता।

पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा ने ट्रांसपोर्टरों के हितों का किया समर्थन, परसराम ठाकुर ने माल ढुलाई किराये में बढ़ोतरी और समझौते की शर्तें लागू करने की उठाई मांग।

ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज-  अंबुजा-अडानी सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट और ट्रांसपोर्ट सहकारी सभाओं के बीच हुए समझौते को लागू करवाने तथा माल ढुलाई किराये सहित ट्रांसपोर्टरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर अर्की में पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता गोविंद राम शर्मा और ट्रांसपोर्टर व भाजपा दाड़लाघाट मंडल के सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक परसराम ठाकुर ने संयुक्त प्रेसवार्ता की। इस दौरान गोविंद राम शर्मा ने ट्रांसपोर्टरों के हितों का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार से उनके मुद्दों को गंभीरता से लेने और उचित समाधान निकालने की मांग की। इसके बाद परसराम ठाकुर ने कंपनी और ट्रांसपोर्ट सहकारी सभाओं के बीच हुए समझौते की शर्तों तथा माल ढुलाई और रोजगार से जुड़े मुद्दों को विस्तार से उठाया।

गोविंद राम शर्मा ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े। परसराम ठाकुर ने 21 फरवरी, 2023 को अंबुजा सीमेंट लिमिटेड और ट्रांसपोर्ट सहकारी सभाओं के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का हवाला देते हुए कहा कि इसकी शर्तों को लागू करवाना जरूरी है। उनके अनुसार, समझौते में सिंगल एक्सल वाहनों की माल ढुलाई दर 10.58 पैसे से घटाकर 10.30 पैसे करने का प्रावधान था। इसके अतिरिक्त डीजल की कीमतों में बदलाव के अनुसार माल ढुलाई दरों पर विचार करने, टोल और करों की प्रतिपूर्ति तथा बैकलोड सहित अन्य प्रावधान भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि समझौते में कंपनी की ओर से प्रतिवर्ष कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन सीमेंट और 38 लाख मीट्रिक टन क्लिंकर उपलब्ध करवाने का प्रावधान भी दर्ज है। परसराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टरों को अधिक दूरी के ट्रिप देने के बजाय औसतन करीब 100 किलोमीटर तक सीमित किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कंपनी की ओर से डंप खोले जाने को भी ट्रांसपोर्टरों के नुकसान का कारण बताया।

परसराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से बैठक के दौरान माल ढुलाई किराये में 13 पैसे की बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनके अनुसार यह मामला पिछले साढ़े तीन वर्षों से लंबित है। उन्होंने सरकार से 13 पैसे की बढ़ोतरी तुरंत लागू करने और सिविल सप्लाई की माल ढुलाई दरों में भी वृद्धि करने की मांग की। उन्होंने कंपनी और ट्रांसपोर्ट सहकारी सभाओं के बीच लंबित मुद्दों के समाधान के लिए सरकार से मध्यस्थता करने का आग्रह किया।

रोजगार के मुद्दे पर परसराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को अलग-अलग बुलाकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है और कथित तौर पर प्रलोभन देकर उनकी एकता कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कंपनी के नियमित कर्मचारियों को थर्ड पार्टी व्यवस्था के तहत रखने की चर्चा पर भी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, ऐसा कदम 16 जून, 1992 के समझौते का उल्लंघन होगा। उन्होंने स्थानीय ठेकेदारों को बाहरी ठेकेदारों के साथ जोड़ने के प्रयासों पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे स्थानीय लोगों व ठेकेदारों पर दबाव बढ़ सकता है।

संयुक्त प्रेसवार्ता में दोनों नेताओं ने ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा, माल ढुलाई किराये में बढ़ोतरी, समझौता ज्ञापन की शर्तों को लागू करवाने और सिविल सप्लाई की दरों में संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने प्रदेश सरकार से संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर इन मुद्दों का समाधान निकालने का आग्रह किया।

LIC

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