जनता की जेब से पैसा निकालकर खजाना भरना समाधान नहीं, सरकार ₹50 करोड़ का पूरा हिसाब दे- अशोक चंदेल

ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- हिमाचल प्रदेश में करीब 27 वर्षों बाद लॉटरी व्यवस्था दोबारा शुरू करने की सरकार की प्रक्रिया पर आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को घेरा है।


आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक चंदेल ने कहा कि सरकार को लॉटरी से करीब ₹50 करोड़ सालाना राजस्व मिलने का अनुमान है। लेकिन सवाल यह है कि सरकार के खजाने में ₹50 करोड़ आने से पहले जनता की जेब से कुल कितना पैसा निकलेगा? सरकार इसका पूरा हिसाब जनता के सामने रखे। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि लॉटरी की कुल बिक्री कितनी होगी, पुरस्कारों में कितना पैसा जाएगा, एजेंटों का कमीशन और संचालन खर्च कितना होगा तथा इन सबके बाद सरकार की वास्तविक शुद्ध कमाई कितनी होगी।

अशोक चंदेल ने कहा, “सरकार के लिए ₹50 करोड़ राजस्व हो सकता है, लेकिन यह पैसा हिमाचल की जनता की जेब से आएगा। सरकार का काम लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है, न कि उनकी मेहनत की कमाई से अपना खजाना भरना।”
उन्होंने कांग्रेस सरकार से पूछा कि लॉटरी से मिलने वाले इस राजस्व को कहाँ और किन विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा, इसका विभागवार विवरण जनता के सामने क्यों नहीं रखा जा रहा।


वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 1999 में भाजपा सरकार ने हिमाचल में लॉटरी पर रोक लगाई थी। भाजपा आज स्पष्ट करे कि उस समय लॉटरी को गलत मानने का आधार क्या था और आज कांग्रेस द्वारा इसे दोबारा शुरू किए जाने पर उसकी स्पष्ट नीति क्या है।


अशोक चंदेल ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों वर्षों से हिमाचल की सत्ता में रही हैं, लेकिन प्रदेश को स्थायी रोजगार और मजबूत राजस्व स्रोत देने में विफल रही हैं। आज जनता को रोजगार और आर्थिक अवसर देने के बजाय लॉटरी के सहारे राजस्व जुटाने की कोशिश की जा रही है।


उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवाओं को लॉटरी नहीं, रोजगार चाहिए। जनता को किस्मत के भरोसे नहीं, स्थायी आमदनी और मजबूत अर्थव्यवस्था चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि लॉटरी की कुल बिक्री, पुरस्कार राशि, कमीशन, संचालन खर्च, सरकार की शुद्ध आय और इस आय के प्रस्तावित उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।

LIC

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