मांजू के नितिन को बचाने के लिए मदद की दरकार, गम्भीर बीमारी से जूझ रहा 21 वर्षीय इकलौता चिराग

इलाज में परिवार की जीवनभर की जमा पूंजी हुई खत्म, सरकार, प्रशासन और समाज से आर्थिक सहयोग की अपील


ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत पलोग के मांजू (काऊली) गांव निवासी 21 वर्षीय नितिन कुमार जिंदगी की कठिन जंग लड़ रहा है। चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में उपचाराधीन नितिन गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। चिकित्सकीय जांच रिपोर्टों में लैंगरहैंस सेल हिस्टियोसाइटोसिस (एलसीएच) से संबंधित बीमारी के संकेत मिले हैं, जिससे उसकी त्वचा और शरीर की लसीका ग्रंथियां प्रभावित हुई हैं।


इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में हुई जांच में नितिन की लसीका ग्रंथि के नमूने में लैंगरहैंस कोशिकाएं पाई गईं। इसके बाद पीजीआई चंडीगढ़ में त्वचा और लसीका ग्रंथि के नमूनों की दोबारा जांच की गई। पीजीआई की रिपोर्ट में भी हिस्टियोसाइटिक बीमारी का उल्लेख किया गया है और बीमारी की सटीक श्रेणी तय करने के लिए विशेषज्ञों की राय की प्रक्रिया जारी बताई गई है।


कई दौर की कीमोथेरेपी के बाद भी जारी है बीमारी से जंग
नितिन लंबे समय से उपचाराधीन है। उसे अब तक कई दौर की कीमोथेरेपी यानी कैंसररोधी दवाओं का उपचार दिया जा चुका है। उपचार संबंधी अभिलेखों में साइक्लोफॉस्फेमाइड, डॉक्सोरूबिसिन, विन्क्रिस्टिन और प्रेडनिसोलोन जैसी दवाओं का उल्लेख है। परिवार के अनुसार उपचार का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है और आगे भी महंगे उपचार की जरूरत है।
पीजीआई में करवाई गई पीईटी-जांच में दोनों बगल, पेट और दोनों जांघों के पास की लसीका ग्रंथियों में बीमारी के असर के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में प्लीहा के काफी बढ़े होने तथा उसमें बढ़ी हुई गतिविधि का भी उल्लेख किया गया है।


इकलौते बेटे के इलाज में खपा दी जीवनभर की जमा पूंजी

नितिन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। पिता कामेश्वर शर्मा निजी नौकरी करते हैं, जबकि मां शकुंतला शर्मा गृहिणी हैं। जिस उम्र में नितिन को अपने भविष्य के सपने पूरे करने चाहिए थे, उस उम्र में वह अस्पताल के बिस्तर पर बीमारी से जंग लड़ रहा है।
बेटे को स्वस्थ देखने की उम्मीद में माता-पिता ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी उसके उपचार में लगा दी। नितिन की बहन और जीजा सहित रिश्तेदारों ने भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग किया, लेकिन लंबे समय से चल रहे उपचार ने परिवार की आर्थिक कमर तोड़ दी है। अब आगे के उपचार का खर्च परिवार की क्षमता से बाहर होता जा रहा है।


मां की आंखों में आज भी अपने इकलौते चिराग के स्वस्थ होकर घर लौटने की आस है। परिवार के लिए नितिन केवल बेटा नहीं, बल्कि उनके जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद है। हर गुजरते दिन के साथ उपचार का खर्च बढ़ रहा है और परिवार को अब सरकार,प्रशासन और समाज के सहारे की जरूरत है।


सरकार, प्रशासन और समाज से मदद की अपील


नितिन के परिवार ने हिमाचल प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं, दानी सज्जनों और समस्त समाज से भावुक अपील की है कि नितिन के उपचार के लिए हरसंभव आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
परिवार का कहना है कि सरकार और प्रशासन यदि उपचार में सहायता के लिए आगे आते हैं तो उन्हें बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं, समाज के सामर्थ्यवान लोग भी अपनी क्षमता के अनुसार छोटी-बड़ी मदद करें तो नितिन के उपचार को जारी रखने में परिवार को सहारा मिल सकता है।
परिवार ने अपील करते हुए कहा कि किसी की छोटी-सी मदद भी उनके बच्चे के जीवन को बचाने की दिशा में बड़ी उम्मीद बन सकती है। एक मां अपने इकलौते बेटे को फिर से स्वस्थ देखकर घर लौटता हुआ देखना चाहती है और इसके लिए परिवार हर संभव प्रयास कर रहा है।


सहयोग के लिए बैंक विवरण
खाताधारक : नितिन कुमार
बैंक : यूको बैंक, अर्की
आईएफएससी : UCBA0000392
खाता संख्या : 03920110050385
यूपीआई आईडी : 8580690889@ucobank
यूपीआई नाम : NITIN KUMAR SHARMA
नितिन की जिंदगी बचाने में आपका सहयोग उसके परिवार के लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद और जीने का सहारा बन सकता है।

LIC

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