ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज:- ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के प्राचीन श्री दुर्गा माता मंदिर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के आठवें दिन भक्तों का भारी सैलाब देखने को मिला।कथाव्यास के रूप में पधारे विश्व विख्यात कथा व्यास श्री शशांक कृष्ण कौशल जी ने उपस्थित भक्तों को देवी के अनेक प्रसंगों से ओतप्रोत किया।

भगवान शिव के विवाह का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार हलाहल राक्षस के वध के बाद भगवान विष्णु और भगवान शिव गर्व करने लगे तो लीला के कारण श्री पार्वती जी और श्री लक्ष्मी जी लुप्त हो गई।श्री लक्ष्मी जी क्षीर सागर के घर में जन्मी और श्री पार्वती जी ने पहले दक्ष प्रजापति के और फिर हिमालय के घर में जन्म लेकर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया।श्रीमद् देवी भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने भगवती मनसा देवी,भगवती मंगलचण्डिका और भगवती सुरभि की कथाओं का वर्णन किया।

एक विशेष प्रषंग के माध्यम से उन्होंने भगवान कृष्ण की सर्वप्रिया शक्ति श्री राधा रानी के विषय में विस्तार से चर्चा की और बताया कि श्री राधा रानी भी साक्षात जगदम्बा का स्वरूप हैं।


वे मूल प्रकृति के पाँच स्वरूपों में से एक है और भगवती स्वयं कहती हैं कि वृन्दावन में मैं राधा हूँ।वृंदा श्री राधाजी के 16 नामों में से एक है।गौरतलब है कि इस वर्ष भी मंदिर समिति की ओर से कथा का आयोजन किया गया है जिसकी 14 मार्च को पूर्णाहुति है।इस अवसर पर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल भी उपस्थिति हुए।यह जानकारी डी डी कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
