ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा अर्की की ओर से भूमती के सोईली गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े विभिन्न विषयों और अधिकारों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

शिविर में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निधि अधिनियम को लेकर चर्चा की गई। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्थान, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी इस संबंध में कानून बनाया जाना चाहिए।
महासभा ने एससी कंपोनेंट के तहत मिलने वाली राशि के उपयोग को लेकर भी चिंता व्यक्त की। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विकास के लिए निर्धारित राशि का अपेक्षित उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस राशि के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाना आवश्यक है, ताकि धनराशि केवल अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विकास पर ही खर्च हो।
इस दौरान अर्की क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा वंचित और दबे-कुचले वर्ग के उत्थान के लिए किए गए प्रावधानों के बारे में लोगों को जानकारी देकर जागरूक किया गया।
इस अवसर पर महासभा के अध्यक्ष सूबेदार मेजर मनजीत भाटिया, मुख्य सलाहकार सूबेदार बी.आर. भाटिया, पूर्व अध्यक्ष उमा लाल, एन.एल. भगत, ओम प्रकाश कौंडल, लेखराम कैथ, एडवोकेट पार्वती, सी.डी. पंवर, लेख राम, प्यारे लाल भारद्वाज, मीडिया प्रभारी डॉ. नरेश कौंडल और कैप्टन हेमराज सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।


