ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तनवर ने प्रेस नोट के माध्यम से बताया कि कोठी पंचायत के कई गांवों में पिछले कई वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गंभर खड्ड से पेयजल योजना शुरू होने के बाद हर तीसरे-चौथे महीने ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

13 अगस्त को जारी संयुक्त बयान में धनीराम तनवर सहित क्षेत्रवासियों ने जल शक्ति विभाग के प्रति रोष जताते हुए कहा कि पेयजल समस्या को लेकर शिकायत करने पर विभाग की ओर से हर बार मशीन खराब होने या जल जाने की बात कही जाती है। मशीन खराब होने के कारण कोठी पंचायत के पांच-छह गांवों में कई-कई दिनों तक पेयजल आपूर्ति बाधित रहती है। इसके चलते ग्रामीणों को टैंकरों के माध्यम से पानी मंगवाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण कई बार विभाग से मांग कर चुके हैं कि बार-बार खराब होने वाली पुरानी मशीनों के स्थान पर नई मशीन स्थापित की जाए, ताकि बार-बार मरम्मत की स्थिति न बने और पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से चलती रहे। इसके बावजूद उनकी मांग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
धनीराम तनवर ने कहा कि यदि गंभर खड्ड पेयजल योजना से किसी कारणवश पानी की आपूर्ति बाधित होती है तो पुरानी जाबलु पेयजल योजना से गांवों को पानी उपलब्ध करवाने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि इस योजना की चाबी अस्पताल के पास बंद पड़ी है। ग्रामीण लंबे समय से इस वैकल्पिक व्यवस्था को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में भी विभाग और सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि बार-बार पेयजल संकट के कारण पूरी पंचायत के लोगों में जल शक्ति विभाग के प्रति रोष बढ़ रहा है। उन्होंने जल शक्ति विभाग और सरकार से पेयजल योजना की तकनीकी खामियों को दूर कर स्थायी समाधान करने की मांग की, ताकि कोठी पंचायत के ग्रामीणों को बार-बार पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।



