छोटी काशी बातल में 10 दिवसीय बाल संस्कार एवं कर्मकांड शिविर शुरू

रामलाल शास्त्री रहे मुख्य अतिथि, मयूराक्षी सिंह सहित गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ।

ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज – उपमंडल अर्की की छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध बातल गांव में सोमवार से 10 दिवसीय बाल संस्कार एवं कर्मकांड शिविर का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में रामलाल शास्त्री मुख्य अतिथि रहे, जबकि नागेश शास्त्री, महेंद्र शास्त्री तथा खंड विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त लेखराज भार्गव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अर्की राजपरिवार की पुत्रवधू एवं समाजसेविका मयूराक्षी सिंह भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुईं।


मुख्य अतिथि रामलाल शास्त्री ने शिविर के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए इस प्रकार के संस्कार शिविरों की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध बातल क्षेत्र राजाओं की रियासत के समय से ही विद्वानों की नगरी रहा है, जहां से वैदिक ज्ञान और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन होता रहा है। ऐसे आयोजन इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करेंगे।


शिविर के आयोजक आचार्य दुष्यंत भार्गव एवं आचार्य लोकेश कौशिक ने बताया कि शिविर का आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। दस दिवसीय शिविर में बच्चों को ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद का परिचय, वैदिक मंत्रोच्चारण, संध्या-वंदन, पूजा-पद्धति, हवन-यज्ञ तथा विभिन्न धार्मिक कर्मकांडों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का भी ज्ञान प्रदान किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था विकसित करना, नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा उन्हें संस्कारवान, अनुशासित एवं आत्मविश्वासी बनाना है।
इस अवसर पर समाजसेविका मयूराक्षी सिंह ने अभिभावकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने बच्चों को ऐसे संस्कार शिविरों में भेजने की अपील करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


दस दिवसीय इस शिविर में क्षेत्र के पांच दर्जन से अधिक बच्चे तथा अन्य श्रद्धालु भाग लेकर सनातन धर्म, वैदिक ज्ञान एवं धार्मिक कर्मकांडों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। आगामी दिनों में शिविर के दौरान विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं संस्कार आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

LIC

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