ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- डॉ. बी.आर. अंबेडकर महासभा, अर्की ने तहसीलदार अर्की के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों का समर्थन किया। महासभा ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है तथा विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। महासभा ने कहा कि विद्यार्थी अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठा रहे हैं, इसलिए उनकी बातों पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।

महासभा ने राष्ट्रपति से मांग की है कि विद्यार्थियों की सभी न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पेपर लीक प्रकरण में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि वर्तमान परिस्थितियों एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार विद्यार्थियों की मांगों पर लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप विचार कर आवश्यक कदम उठाए, जिससे देश की शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।






