ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज़- अर्की नगर के ऐतिहासिक आनंद मठ मंदिर को आखिरकार अपने प्रभु मिल ही गए। वर्षों से जीर्ण-शीर्ण और उपेक्षित अवस्था में पड़े इस प्राचीन मंदिर में बुधवार को भगवान शिव परिवार तथा श्री लक्ष्मी नारायण जी की मूर्तियों की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा एवं स्थापना संपन्न हुई।

इसके साथ ही क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हो गई।
गौरतलब है कि यह मंदिर कई वर्षों तक उजाड़ और सुनसान पड़ा रहा। मंदिर में स्थापित पुरानी मूर्तियां समय के साथ खंडित हो चुकी थीं तथा लंबे समय तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली।

लगभग छह वर्ष पूर्व नम्होल क्षेत्र से संबंध रखने वाले तथा उस समय अर्की में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता लेखराम कौंडल ने मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया। उनके प्रयासों से तत्कालीन एसडीएम विकास शुक्ला की अध्यक्षता में आनंद मठ मंदिर जीर्णोद्धार समिति का गठन किया गया तथा इस स्थल को “आनंद मठ” नाम दिया गया।

मंदिर के पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण में स्थल स्वामी दिनेश सोनी ने आर्थिक एवं अन्य प्रकार से महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इसके अतिरिक्त अनेक समाजसेवियों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया, जिसके परिणामस्वरूप आज मंदिर का भव्य स्वरूप सामने आया है।
मूर्ति स्थापना कार्यक्रम के उपलक्ष्य में पिछले तीन दिनों से विशेष पूजा-अर्चना, यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा था। बुधवार को पूर्णाहुति, हवन और कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इस पावन अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और नवस्थापित विग्रहों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

क्षेत्रवासियों ने मंदिर के पुनर्जीवन को धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसे सामूहिक सहयोग, आस्था और समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद मंदिर में पुनः देव विग्रहों की स्थापना होने से क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष दिनेश सोनी, महासचिव भूपेंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता, कोषाध्यक्ष योगेश चौहान, गिरधारी लाल, हेमराज पाल, अजय सिंह, संदीप शर्मा, सुमित शर्मा, विशाल शर्मा, योगेश वर्मा, नीरज गुप्ता सहित समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अर्की राजपरिवार की पुत्रवधू मयूराक्षी सिंह भी विशेष रूप से मंदिर पहुंचीं तथा नवस्थापित देव विग्रहों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान समिति ने मंदिर जीर्णोद्धार कार्य में सहयोग देने वाले सभी दानी सज्जनों, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और समर्पण से ही यह पुण्य कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।



