ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष दर्पणा ठाकुर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी और नेतृत्व के अवसर प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में पारित इस संवैधानिक संशोधन के तहत लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि समावेशी विकास और देश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा हुआ निर्णय है।
दर्पणा ठाकुर ने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व में आती हैं तो शासन अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनता है, जिसका उदाहरण पंचायत स्तर पर पहले ही देखने को मिल चुका है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 47 करोड़ महिला मतदाता हैं, कई चुनावों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा है और पंचायतों में करीब 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी अभी भी सीमित है।

उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 10 करोड़ गैस कनेक्शन वितरित किए गए, जल जीवन मिशन के माध्यम से 14.45 करोड़ घरों तक पानी की सुविधा पहुंचाई गई, मुद्रा योजना में 60 प्रतिशत से अधिक महिला लाभार्थी हैं तथा 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के जनधन खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी है।
अंत में दर्पणा ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस अधिनियम को शीघ्र प्रभाव से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी न रहकर नीति निर्माण में भी बराबरी की भागीदार बनें, यही इस कानून की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।



