ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज़– भाजपा प्रदेश मीडिया सह-संयोजक प्यार सिंह ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि जो मंत्री अपने विभाग की बदहाल स्थिति सुधारने में विफल रहे हों, उन्हें केंद्र सरकार और भाजपा पर टिप्पणी करने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।

प्यार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए रिकॉर्ड आर्थिक सहयोग दिया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, केंद्रीय योजनाओं और आपदा के समय विशेष सहायता के माध्यम से केंद्र ने हमेशा प्रदेश का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि स्वयं लोक निर्माण मंत्री भी अपने विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार के सहयोग का लाभ उठाते रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार पर सवाल उठाना केवल राजनीतिक दिखावा है।

उन्होंने कहा कि यदि मंत्री वास्तव में जनता की चिंता करते हैं तो उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण की जर्जर सड़कों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जगह-जगह गड्ढों और टूटी सड़कों के कारण क्षेत्र की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि शिमला ग्रामीण की अर्थव्यवस्था सब्जी, दूध और अन्य कृषि उत्पादों पर आधारित है, लेकिन ग्रामीण बस सेवाएं प्रभावित होने से किसानों, महिलाओं, विद्यार्थियों और आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल बयानबाजी में व्यस्त है।

प्यार सिंह ने कांग्रेस नेताओं को भाजपा की चिंता छोड़कर अपने दल की आंतरिक स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी सार्वजनिक रूप से इस पर बयान दे चुके हैं। ऐसे में भाजपा पर अनावश्यक टिप्पणी करना राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बेहतर सड़कें, विकास और सुशासन चाहती है, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति देखने को मिल रही है। यदि लोक निर्माण मंत्री अपने विभाग की जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करते तो प्रदेश की सड़कें इतनी बदहाल नहीं होतीं।
प्यार सिंह ने कहा कि भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और कांग्रेस सरकार को अपनी विफलताओं का जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब केवल भाषण नहीं, बल्कि धरातल पर विकास और जवाबदेही चाहती है।


