ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज । जिला पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन जिला सोलन की त्रैमासिक बैठक कुनिहार में आयोजित की गई। संगठन की जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने जानकारी देते हुए बताय कि बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष केडी शर्मा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पेंशनरों ने सरकार द्वारा किए गए वादों के अब तक पूरा न होने पर नाराजगी जताई और मांगें जल्द पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पहले जब भी कोई मुख्यमंत्री किसी मांग की घोषणा करता था तो उससे पहले वित्त विभाग से सलाह-मशविरा किया जाता था, लेकिन अब बिना वित्तीय मंजूरी के घोषणाएं कर दी जाती हैं और बाद में उन्हें लागू करने में देरी होती है। इससे पेंशनरों में निराशा का माहौल बन रहा है।
जिला अध्यक्ष केडी शर्मा ने कहा कि घुमारवीं में आयोजित सम्मेलन के दौरान हजारों पेंशनरों के समक्ष सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश मांगें अभी तक लंबित हैं। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनरों के बकाया एरियर का भुगतान तो कर दिया गया है, लेकिन अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि पेंशनरों के मेडिकल अलाउंस का जो भी बकाया है, उसे 40 दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने की भी बात कही गई थी, लेकिन अभी तक इन घोषणाओं को अमल में नहीं लाया गया है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि आगामी बजट में पेंशनरों की लंबित मांगों को शामिल नहीं किया गया तो संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस दौरान पेंशनरों ने यह भी कहा कि जब विधायक अपने क्षेत्रों में जाते हैं तो उनके साथ सरकारी गाड़ियों का काफिला और पुलिस एस्कॉर्ट चलता है, जिससे सरकारी कार्यालयों का काम प्रभावित होता है और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पेंशनरों ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन प्रदेश और देश की सेवा में लगाया है, इसलिए सरकार को उनके हितों को प्राथमिकता देते हुए उनकी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करना चाहिए। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें संगठन के समक्ष रखीं।


