अर्की में बिजली बोर्ड कर्मचारी-पेंशनरों का धरना, प्रस्तावित विद्युत संशोधन विधेयक 2025 का विरोध

ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी अभियंता पेंशनर संयुक्त कार्रवाई समिति के आह्वान पर आज मंडल कार्यालय अर्की के समक्ष धरना आयोजित किया गया। यह धरना हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड संयुक्त कर्मचारी अभियंता अर्की के समर्थन में तथा भारत सरकार द्वारा लोकसभा में संभावित रूप से पेश किए जाने वाले विद्युत संशोधन विधेयक 2025 और नई विद्युत नीति के विरोध में दोपहर एक बजे से दो बजे तक चला।


धरने में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद सेवा निवृत्त कल्याण संघ की अर्की और कुनिहार इकाइयों ने भाग लिया। कुनिहार इकाई के प्रधान रत्न तनवर, अर्की इकाई के प्रधान हेमेंद्र गुप्ता तथा महासचिव सुशील गांधी ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक से आम उपभोक्ताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। उनका कहना था कि प्रदेश के लोगों और कर्मचारियों की मेहनत से जिस बिजली बोर्ड को मजबूत आधार मिला है, इस विधेयक के लागू होने से उसका ढांचा कमजोर पड़ सकता है और निजी कंपनियों के प्रवेश से सरकारी तंत्र को भी नुकसान होगा।


कुनिहार इकाई के प्रधान रत्न तनवर ने केंद्र सरकार से इस विधेयक को वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बिजली सेवा जनहित से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही किया जाना चाहिए।
धरने के उपरांत मीडिया से बातचीत में पेंशनर संघों ने हिमाचल सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन से यह भी मांग की कि वर्ष 1980 से अर्की विधानसभा क्षेत्र के अर्की, दाड़लाघाट, कुनिहार और भूमती में विभागीय कार्यालय किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिन पर हर वर्ष लाखों रुपये व्यय हो रहे हैं। उन्होंने स्थायी कार्यालय भवनों के निर्माण की मांग उठाई, ताकि सरकारी धन की बचत हो सके और कर्मचारियों व उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

LIC

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