ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज़- अर्की उपमंडल में लंबे समय से चले आ रहे ड्राई स्पेल के कारण किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले करीब साढ़े तीन महीनों से वर्षा न होने के चलते क्षेत्र में गेहूं, जौ, आलू, लहसुन और प्याज की फसलें प्रभावित हुई हैं और कई स्थानों पर सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।

उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि रबी सीजन की अधिकतर फसलें वर्षा पर आधारित होती हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलों में नमी की भारी कमी आ गई है, जिससे पौधे पीले पड़ने लगे हैं और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

किसानों ने बताया कि बारिश के अभाव में घास और पेड़-पौधों पर धूल की परत जम गई है। इसके चलते पशुधन को मजबूरी में धूल युक्त चारा खिलाना पड़ रहा है, जिसका असर पशुओं के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। इसके अलावा वर्षा न होने से क्षेत्र में सूखी ठंड में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में खांसी, जुकाम और बुखार के मामलों में भी इजाफा हो रहा है।
किसानों ने मांग की है कि वर्तमान सूखे की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा फसलों का शीघ्र आकलन किया जाए और सरकार प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान करे, ताकि उन्हें इस संकट से कुछ राहत मिल सके।




