ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज – भारतीय जीवन बीमा निगम के अभिकर्ता के रूप में पिछले 17 वर्षों से सेवाएं दे रहे हरीश कुमार ने ग्राहक सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की है। उन्होंने डेंगू के कारण अपने बेटे को खो चुके एक परिवार को बीमा पॉलिसी के तहत 10 लाख 56 हजार रुपये का क्लेम दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कठिन समय में क्लेम की राशि परिवार को आर्थिक सहारा देने में मददगार साबित हुई।

भारतीय जीवन बीमा निगम देश के करोड़ों परिवारों को जीवन बीमा सुरक्षा प्रदान करने वाली प्रमुख संस्थाओं में से एक है। एलआईसी का आदर्श वाक्य “योगक्षेमं वहाम्यहम्” अर्थात “आपका कल्याण हमारी जिम्मेदारी” पॉलिसीधारकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य को दर्शाता है। किसी परिवार में अप्रत्याशित संकट आने पर बीमा क्लेम आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकता है।
एलआईसी के सीएम क्लब सदस्य हरीश कुमार पिछले 17 वर्षों से लोगों को जीवन बीमा के प्रति जागरूक करने और उन्हें बीमा योजनाओं की जानकारी देने के लिए कार्य कर रहे हैं। वह पॉलिसीधारकों को उनकी जरूरतों के अनुसार बीमा संबंधी मार्गदर्शन देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर क्लेम प्रक्रिया में भी सहयोग करते हैं। डेंगू के कारण बेटे को खो चुके परिवार को क्लेम दिलवाने में उनकी भूमिका इसी ग्राहक सेवा का उदाहरण है।
हरीश कुमार ने अपने सेवाकाल के दौरान सोलन जिला और अर्की क्षेत्र में कई बार सर्वाधिक पॉलिसियां करने के लिए प्रथम स्थान हासिल किया है। इस वर्ष भी उन्होंने एलआईसी के शाखा कार्यालय अर्की में पूरे क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी उपलब्धियां उनके अनुभव, निरंतर परिश्रम और ग्राहकों के साथ बनाए गए विश्वास को दर्शाती हैं।
हरीश कुमार का कहना है कि जीवन बीमा का उद्देश्य केवल पॉलिसी उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरत के समय पॉलिसीधारक और उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा का सहारा देना भी है। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन और क्लेम प्रक्रिया में सहयोग परिवार के लिए महत्वपूर्ण साबित होता है।
एलआईसी के माध्यम से अपने 17 वर्षों के सेवाकाल में हरीश कुमार लोगों को बीमा सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और परिवारों का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए प्रयासरत हैं। डेंगू से बेटे को खो चुके परिवार को 10.56 लाख रुपये का क्लेम दिलवाने में उनकी भूमिका ने एक बार फिर ग्राहक सेवा और जिम्मेदारी के महत्व को सामने रखा है।


