ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रसिद्ध सर्जन डॉ. डी.के. वर्मा को अटल चिकित्सा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय, नेरचौक (मंडी) का कुलपति नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति से उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत जमरोटी सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान का विषय बताया है।

डॉ. डी.के. वर्मा ग्राम पंचायत जमरोटी के भुमती गांव के निवासी हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उनका लंबा और उल्लेखनीय अनुभव रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं तथा अपनी कार्यकुशलता, प्रशासनिक दक्षता और कुशल नेतृत्व के कारण विशेष पहचान बनाई है।

इससे पूर्व वह श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नेरचौक में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी), शिमला में भी लंबे समय तक सेवाएं प्रदान की हैं। उनके चिकित्सकीय जीवन की शुरुआत वर्ष 1987-88 में दाड़लाघाट स्वास्थ्य केंद्र से हुई थी, जहां उनकी पहली नियुक्ति हुई थी।

अटल चिकित्सा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के कुलपति पद पर उनकी नियुक्ति को चिकित्सा एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि डॉ. वर्मा की इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी तथा उपमंडल अर्की का नाम प्रदेशभर में और अधिक गौरवान्वित होगा।

उल्लेखनीय है कि उपमंडल अर्की से संबंध रखने वाले डॉ. डी.के. वर्मा इस स्तर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय का नेतृत्व संभालने वाले दूसरे शिक्षाविद् हैं। इससे पूर्व घनागुघाट निवासी प्रो. राजेंद्र वर्मा भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं।



