होम गार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने तैयार किया ‘हिमाचल प्रदेश होम गार्ड तैनाती नीति–2026’, जल्द मुख्यमंत्री को सौंपेगा व्यापक प्रस्ताव।
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। होम गार्ड वेलफेयर एसोसिएशन, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह चौहडिया ने कहा है कि राज्य के होम गार्ड स्वयंसेवकों के लिए केवल 365 दिन की ड्यूटी पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए एक समान, पारदर्शी और स्थायी नीति भी बनाई जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से एसोसिएशन ने ‘हिमाचल प्रदेश होम गार्ड तैनाती नीति–2026’ नामक व्यापक नीति प्रस्ताव तैयार किया है।

चौहडिया ने बताया कि यह नीति दस्तावेज एसोसिएशन के विधिक सलाहकार एवं लीगल हेड तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अभय कांत मिश्रा के नेतृत्व एवं उनकी विधिक टीम द्वारा तैयार किया गया है। इसके साथ ही एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के सुझावों से इसे अधिक व्यवहारिक और क्रियान्वयन योग्य स्वरूप दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें विधिक टीम भी शामिल होगी, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश तथा पुलिस महानिदेशक, होम गार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा से भेंट कर इस नीति प्रस्ताव को विचारार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए औपचारिक रूप से सौंपेगा।
चौहडिया ने विश्वास व्यक्त किया कि इस नीति के लागू होने से प्रदेश के होम गार्ड स्वयंसेवकों के लिए वर्षभर तैनाती की व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बन सकेगी।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में चौहडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्षभर तैनाती की घोषणा तथा विभाग को दिए गए निर्देशों के बाद प्रदेश के अधिकांश जिलों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। अब आवश्यकता है कि इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू करने के लिए इसे स्थायी राज्य नीति का स्वरूप दिया जाए।
उन्होंने बताया कि तैयार किया गया दस्तावेज केवल मांग-पत्र नहीं, बल्कि एक विस्तृत व्हाइट पेपर है। इसमें वैज्ञानिक मानव संसाधन प्रबंधन, जिला एवं अंतर-जिला तैनाती व्यवस्था, डिजिटल एचआरएमएस (HRMS), प्रशिक्षण, स्वयंसेवक कल्याण, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), विभागीय स्थायी आदेश, कार्यान्वयन रोडमैप तथा प्रशासनिक जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सुझाव दिए गए हैं।




