लेंड लूजर व विस्थापित बेरोजगारों कोअम्बुजा उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मिले रोजगार-परसराम ।

ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज़:-(दाड़लाघाट) हम किसी भी सोसाइटी या ट्रांसपोर्टर के खिलाफ नही,हमे सबके साथ खड़े होकर चलना है,हम किसी के विरोध में नही।यह बात ग्याना गांव में माइनिंग एरिया की पांच पंचायतों के लैंड लुजर्स सोसाईटी के संस्थापक परस राम ने दाड़लाघाट में आयोजित प्रेसवार्ता में कही।संस्थापक परस राम ने कहा कि हम सिर्फ 7 प्रतिशत में काम करना चाहते है।उन्होंने कहा कि किसी को भी भ्रम में नही रहना चाहिये ओर आज वही बात कह रहे है जो 30 साल पहले से लोग कर रहे है।परस राम ने सोसाइटी की ओर से कहा कि पिछले तीन महीने से गाड़ियां खड़ी हुई है।हमारा प्रशासन से आग्रह है कि जल्द से जल्द पेंडिग कार्य जो कि 7.5 प्रतिशत है,उसे बहाल किया जाए,ताकि लेंड लूजर व विस्थापित बेरोजगारों का कार्य शुरू हो सके।उन्होंने कहा कि हम सभी सोसाइटियों को एक होकर काम करना है,हमारा किसी भी वर्ग सोसाइटी या किसी भी व्यक्ति से विपरीत कार्य नही करेंगे हमे अपने बेरोजगार लोगो के साथ इकट्ठे होकर कार्य करना है।परस राम ने बताया कि अम्बुजा उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार की मांग करते हुए कहा कि लोगों को उद्योग परिसर में रोजगार दिया जाए।वहीं भूमि से वंचित लोगों को ट्रक के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाया जाए।उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से 1992 को हुए लिखित समझौते में अम्बुजा उद्योग,सरकार व माइनिंग के लोगो के बीच जो समझौते हुए उन्हें लागू किया जाए।परस राम ने कहा कि दोनों यूनिट में 100-100 प्रतिशत शेयर पर कार्य किया जा रहा है व सोसाइटियों को इनमे प्रति शेयर के हिसाब से कार्य बांटा गया है।इनमे 2900 मेंबर ट्रांसपोर्टर है,वही माइनिंग से 601 मेंबर ट्रांसपोर्टर अभी कार्य कर रहे है।संस्थापक परसराम ने कहा कि 26 जून 1992 को एमओयू हुआ था जो कि सरकार अम्बुजा व लेंड लुजर्स में करार हुआ था की उन टर्म कंडीशन में लैंड लूजर को प्रथम रोजगार दिया जाएगा।उस करार में कहा गया कि कंपनी शेयर सीमेंट एजेंसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर व फ्यूल इत्यादि में लेंड लूजर को प्राथमिकता के आधार पर देगी।प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सभी सोसाइटियों को डिमांड के अनुसार कार्य दिया जाता है,जब भी माइनिंग में रन करने जाते है तो लोगो मे भ्रांतिया रहती की काम कम हो जाएगा।वहीं उद्योग में क्लिंकर की डिमांड सोसाइटी अनुसार दी जाती है।सीमेंट में भी 800 से लेकर 900 ट्रक हर रोज लोड होते है,कुछ लोगो के मन मे आजकल ख़ौफ़ छाया हुआ है कि काम कम हो गया है,परन्तु उन्हें ये डाउट्स बन्द करने चाहिये।उन्होंने कहा मांडुआ से रुड़की आदि के लिये क्लिंकर जा रहा है,वो रोपड़ में नही आ रहा है जिससे यहां के लोगो को डरने की जरूरत नही है।उन्होंने कहा कि हमने 150 गाड़ियों की परमिशन मांगी है।जिसमे 2.5 प्रतिशत कुरगन  व 5% माइनिंग एरिया लेंड लूजर के लिये है।वहीं हमने वही सदस्य मेम्बर बनाए है,जो दूसरी सोसाइटी में सदस्य नही है व वो सिर्फ लेंड लूजर है।उन्होंने कहा कि हम सबको स्पष्ट करना चाहते है कि उद्योग के कुछ एजेंट भ्रांतिया फैला रहे है कि काम कम है इत्यादि वो ऐसा करना बंद कर दे,हमें जिन प्रतिशत पे बात हुई थी कार्य करना है।परसराम ने उद्योग के इर्द गिर्द होने वाले उद्योग द्वारा कार्य पर भी चर्चा की।उन्होंने कहा कि कोई भी उद्योग जहां होता है,उन्हें टेक्स का 3 प्रतिशत उद्योग के इर्द गिर्द में लगाना होता है,अगर 500 करोड़ की कमाई होती है,तो 15 करोड़ के विकास कार्य एफेक्टिड एरिया में होना चाहिए।लेकिन आज 30 वर्ष तक ये विकास कार्य नही हो पाए हैं।उन्होंने कहा की 899 अवार्ड में 250 लोग आने वाले 1 से 2 वर्ष मे मेम्बरशिप के होने वाले है।उन्होंने उद्योग पर तंज कसते हुए कहा कि जिनकी भी जमीन उद्योग के लिये जाएगी क्या सभी को आंदोलन या सोसाइटी ही बनानी पड़ेगी।हम सिर्फ एक सिस्टम चाहते है हम किसी भी प्रकार से उद्योग सरकार आदि के खिलाफ नही है,हम नही चाहते कि हमे टेडी उंगली से घी निकालना पड़े हम आपसी सहयोग से कार्य करना चाहते है।हमारे इर्द गिर्द के क्षेत्र से काफी लोग शिक्षित है,वही 2008 में रौड़ी प्लांट के एमओयू में कहा गया था कि टेक्निकल डिप्लोमा आदि को प्रथम व दूसरे हिमाचल के 70 प्रतिशत होना जरूरी है,वहीं अगर यह पूर्ति न हो पाती तो एम्प्लॉयमेंट से या डायरेक्टरेट से एनओसी लेना जरूरी होगा।परसराम ने कहा कि पंचायत से उद्योग को मांग रखनी चाहिए कि हमे इस तकनीक के कामगार चाहिये।वही पंचायत प्रतिनिधि उद्योग के लिये ऐसे कामगार उपलब्ध करवाएंगे।उन्होंने कहा कि मांगू से 1325 बीघा अक्वाएर कर लिया गया परन्तु सिर्फ 2 लोगो को ही अभी तक रोजगार मिल पाया है।वहीं कंडीशन यह है कि उन्हें हिमाचल से बाहर ही रोजगार दिया जाएगा।जबकि हम लोग भूमि यहां दे रहे तो हमे रोजगार के लिये बाहर क्यों जाए।उन्होंने कहा कि उद्योग का मानना है कि स्थानीय लोग उद्योग में मनमानी करते है जबकि यहां से बाहर गए कई लोगो को वहां मेंटली टॉर्चर किया गया व उन्हें वापिस नॉकरी छोड़ कर घर पर बैठना पड़ा हम सरकार से आग्रह करते है कि जब हमने जमीन यहां दी तो हम बाहर नॉकरी करने क्यों जाए।


उन्होंने कहा पहले सेटलमेंट 33 लाख प्रति बीघा हुई,परन्तु रात रातों क्या हुआ कि सुबह वह 8 लाख हो गया।उन्होंने कहा कि 2010 के अनुसार हमे तेल के हाइक रेट की भी बात कर रहे है।उन्होंने कहा कि आजकल गर्मी के मौसम मे गर्म क्लिंकर से गाड़िया जल रही है,उन्हें डायरेक्ट ट्रक में लोड किया जा रहा है,जिससे ट्रक जल रहे है उन्हें कहा कि पीड़ित व्यक्तियों को मुवावजा दिया जाये।उन्होंने सभी को साथ रहने के लिये कहा कि हम सभी ऑपरेटर्स के साथ खड़े है।प्रेसवार्ता के दौरान माइनिंग एरिया की पांच पंचायतों के लैंड लुजर्स सोसाईटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

LIC

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