कचरे और अनुपयोगी वस्तुओं से तैयार की आकर्षक कलाकृतियां, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश।
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। बी.एल. सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में इंटीग्रेटेड मिशन लाइफ प्रोजेक्ट के अंतर्गत पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय ईको क्राफ्टिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुपयोगी एवं अपशिष्ट सामग्री का रचनात्मक इस्तेमाल कर आकर्षक और उपयोगी कलाकृतियां तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियां प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को नए रूप में ढालकर यह संदेश दिया कि थोड़ी सी रचनात्मक सोच से कचरे को भी उपयोगी संसाधन बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर लायन इको क्लब प्रभारी दिनाक्षी ठाकुर ने बताया कि ईको क्राफ्टिंग गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाना तथा उन्हें Reduce, Reuse और Recycle यानी कम उपयोग, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की अवधारणा के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि क्लब की ओर से रैली, पोस्टर सहित विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से भी पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग का संदेश दिया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन किया और उनकी मेहनत, कल्पनाशीलता एवं रचनात्मक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी रूप देना न केवल बच्चों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-10 विद्यार्थियों को विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने पारितोषिक देकर सम्मानित किया। वहीं, लायन इको क्लब की ओर से विद्यालय अध्यक्ष को इको क्लब कैप पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, अभिभावकों और अध्यापकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसी गतिविधियों को उनके सर्वांगीण विकास और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि कचरे को बोझ नहीं, बल्कि संसाधन समझकर उसका सदुपयोग करना चाहिए, ताकि स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में सभी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।


