ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति जिला सोलन की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को कुनिहार में प्रदेश महामंत्री इंद्रपाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति के राज्य उपाध्यक्ष देवीलाल ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में समिति से जुड़े सभी 18 प्रमुख पेंशनर संगठनों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का संचालन जिला संयोजक सुरेंद्र ठाकुर ने किया।

बैठक में पेंशनरों की लंबित देनदारियों और महंगाई राहत (डीआर) की किस्तों के भुगतान को लेकर प्रदेश सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पेंशनरों की करोड़ों रुपये की देनदारियां लंबे समय से लंबित हैं तथा 15 प्रतिशत महंगाई राहत की किस्तों का भुगतान भी नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त संघर्ष समिति के साथ किए गए वादों को पूरा न करके सरकार पेंशनरों के साथ वादा खिलाफी कर रही है।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1 सितंबर को शिमला में होने वाले राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन एवं विधानसभा घेराव में जिला सोलन से करीब 300 पेंशनर भाग लेंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि पेंशनरों की जायज मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा सभी संगठन एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।

नई जिला कार्यकारिणी गठित
बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति जिला सोलन की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इसमें सुरेंद्र ठाकुर को अध्यक्ष, विद्यासागर शर्मा को महासचिव, अशोक चंदन को कोषाध्यक्ष, सुंदर सिंह ठाकुर को वित्त सचिव तथा अशोक टंडन को प्रेस सचिव चुना गया। इसके अलावा जिला सोलन के सभी 18 पेंशनर संगठनों के जिला अध्यक्ष एवं महासचिव समिति के सदस्य होंगे।

बैठक में करीब 60 पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। प्रदेश महामंत्री इंद्रपाल शर्मा ने पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने सभी संगठनों से एकजुटता बनाए रखने और 1 सितंबर को शिमला में होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।

बैठक में भारतीय राज्य पेंशन महासंघ, हिमाचल पेंशनर्स फेडरेशन, विद्युत परिषद पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, पुलिस एसोसिएशन, निगम कल्याण संगठन, कोऑपरेटिव सेक्टर, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, प्रदेश सचिवालय संघ तथा हिमाचल प्रदेश वेलफेयर एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पेंशनरों की लंबित देनदारियों, महंगाई राहत और अन्य जायज मांगों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।


