वैदिक ज्ञान, संस्कार एवं धार्मिक परंपराओं का मिला प्रशिक्षण।
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। उपमंडल अर्की की छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध बातल गांव में आयोजित 10 दिवसीय बाल संस्कार एवं कर्मकांड शिविर का बुधवार को विधिवत समापन हो गया। समापन समारोह में ग्राम पंचायत बातल की प्रधान उर्मिल शर्मा मुख्य अतिथि रहीं।

मुख्य अतिथि उर्मिल शर्मा ने शिविर के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए इस प्रकार के संस्कार शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध बातल क्षेत्र प्राचीन काल से ही वैदिक ज्ञान और धार्मिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र रहा है तथा ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

शिविर के आयोजक आचार्य दुष्यंत भार्गव एवं आचार्य लोकेश कौशिक ने बताया कि दस दिवसीय शिविर में बच्चों को ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद का परिचय, वैदिक मंत्रोच्चारण, संध्या-वंदन, पूजा-पद्धति, हवन-यज्ञ तथा विभिन्न धार्मिक कर्मकांडों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

इसके साथ ही भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों की शिक्षा भी प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था जागृत करना, नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा उन्हें संस्कारवान, अनुशासित एवं आत्मविश्वासी बनाना है।

दस दिवसीय इस शिविर में क्षेत्र के बहुत से बच्चों ने भाग लेकर वैदिक ज्ञान एवं धार्मिक कर्मकांड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में बच्चों ने शिविर के दौरान सीखी गई विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
समापन समारोह में महेंद्र शास्त्री, दिनेश शास्त्री, किशोरीलाल शर्मा, भूपचंद शर्मा, संतराम शर्मा, कुलदीप, मुकेश कौशिक सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं बच्चे उपस्थित रहे।




