ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र, कोटली में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। इसका उद्देश्य होमगार्ड अधिकारियों को बढ़ती जनसंख्या, परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में सिविल अस्पताल अर्की के एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सर्विसेज के काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या का सीधा प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण तथा देश के समग्र विकास पर पड़ता है। स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण के लिए परिवार नियोजन अपनाना तथा छोटे परिवार की अवधारणा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल, महिलाओं एवं किशोर स्वास्थ्य तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क परिवार कल्याण सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जनसंख्या नियंत्रण के प्रति स्वयं जागरूक बने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।

कार्यक्रम के दौरान होमगार्ड अधिकारियों ने जनसंख्या स्थिरीकरण, महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा तथा स्वस्थ परिवार के महत्व पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने परिवार नियोजन एवं जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा वैज्ञानिक एवं सरल तरीके से समाधान किया गया।

अपने संबोधन में डॉ. विजय कुमार शांडिल ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य केवल बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता और परिवार नियोजन के प्रति जागरूक बनाना भी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से समाज में “छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।


