ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज़- कुनिहार विकास सभा ने प्रदेश सरकार पर क्षेत्र की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए गहरा रोष व्यक्त किया है। सभा के प्रधान धनीराम तंवर की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने कहा कि पिछले करीब चार वर्षों में राजनीतिक कारणों से कुनिहार क्षेत्र के विकास कार्यों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया, जिससे क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़ गया।

सभा के प्रधान धनीराम तंवर ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ कसौली और सोलन विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तथा स्वास्थ्य मंत्री ने भी कुनिहार क्षेत्र के विकास को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के कारण क्षेत्र में जनहित से जुड़े अनेक कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं।उन्होंने कहा कि कुनिहार अस्पताल में लंबे समय से एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार ने आज तक इस मांग पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया। जबकि इस अस्पताल पर अर्की, कसौली और दून विधानसभा क्षेत्रों की लगभग 14 से 15 पंचायतों के हजारों लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर हैं।

कुनिहार विकास सभा ने यह भी कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के बील गांव के समीप लगभग 300 बीघा शामलात भूमि वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है, वहीं कुनिहार के कोठी गांव के पास शिक्षा विभाग के नाम दर्ज लगभग 29 बीघा भूमि भी दशकों से उपयोग में नहीं लाई गई। यदि इन भूमि का समुचित उपयोग किया जाता तो क्षेत्र में शिक्षा एवं अन्य जनहित की महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्थापित की जा सकती थीं।

सभा ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब सरकार के कार्यकाल का आकलन कर रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी। कार्यकारिणी का कहना था कि कुनिहार और आसपास की 12 पंचायतों के लोगों ने विकास के मुद्दे पर लगातार अपनी आवाज उठाई, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया गया।
बैठक में भागमल तंवर, जगदीश ठाकुर, बाबूराम तंवर, देवी राम मेहता, संतराम, दीपराम ठाकुर, नागेंद्र ठाकुर, ज्ञान ठाकुर, बलबीर चौधरी, ओम प्रकाश ठाकुर, सनी राघव, अनिल वर्मा, राजेश ठाकुर, धर्म सिंह तंवर, दिनेश तंवर, राजेंद्र कंवर सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।




