ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- अर्की के ऐतिहासिक राजमहल परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिवस शुक्रवार को पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। आचार्य संदीपन वशिष्ठ के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण का दिव्य गुणगान किया जा रहा है। कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से कथा का श्रवण किया।
कथा के दूसरे दिन विशेष रूप से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी एवं मंडी संसदीय क्षेत्र की पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह भी कथा स्थल पर पहुंचीं।

उन्होंने राजमहल परिसर में बैठकर कथा श्रवण किया और इस धार्मिक आयोजन की सराहना की।

कथा के दौरान आचार्य संदीपन वशिष्ठ ने राजा परीक्षित और शुकदेव मुनि से जुड़ा प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को सात दिनों में मृत्यु का श्राप मिला तो उन्होंने सांसारिक मोह त्यागकर गंगा तट पर बैठकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। उस समय शुकदेव मुनि ने उन्हें सात दिनों तक भागवत कथा सुनाकर मोक्ष का मार्ग बताया। आचार्य ने कहा कि भागवत कथा मनुष्य को जीवन का सच्चा मार्ग दिखाती है और उसे धर्म तथा भक्ति की ओर अग्रसर करती है।

इस दौरान आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का भी वर्णन किया और बताया कि भगवान की भक्ति से ही जीवन का कल्याण संभव है। उन्होंने शिव और पार्वती से जुड़ा प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान महादेव ने माता पार्वती को अमर कथा का प्रवचन दिया, जिसे सुनने मात्र से ही जीव को अमरत्व और मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।

राजमहल परिसर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। यह आयोजन बाघल राज परिवार अर्की के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है।
राजपरिवार की पुत्रवधू मयूराक्षी सिंह ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें और इस पावन धार्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त करें।





