प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से वंचित कंडला गांव, वर्षों से सड़क सुविधा का इंतजार

ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- कुनिहार क्षेत्र के कंडला गांव को वर्षों से चली आ रही मांग के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शामिल नहीं किया गया है, जिससे गांव के लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तनवर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि कंडला गांव कुनिहार से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन आज भी पक्की सड़क सुविधा से वंचित है


उन्होंने बताया कि गांव तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क पंचायत और ग्रामीणों के सहयोग से तैयार की गई थी, जो बरसात के मौसम में पैदल चलने योग्य भी नहीं रहती। गांव कुनी खड्ड के किनारे स्थित है और बारिश के दौरान खड्ड पार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके चलते बच्चों को स्कूल पहुंचने में और ग्रामीणों को अपनी नकदी फसलें तथा साग-सब्जियां कुनिहार बाजार तक ले जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।


धनीराम तनवर ने बताया कि इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करने की मांग वर्षों से सरकार और संबंधित लोक निर्माण विभाग अधिकारियों के समक्ष उठाई जाती रही है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। हाल ही में जिन सड़कों को योजना के तहत मंजूरी दी गई है, उनमें भी इस डेढ़ किलोमीटर सड़क का नाम शामिल नहीं किया गया, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई है।


उन्होंने बताया कि गांव में करीब 20 परिवार दलित समाज से संबंध रखते हैं, जिन्हें सड़क सुविधा न होने के कारण लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कुछ समय पहले लोक निर्माण विभाग व अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन उनकी रिपोर्ट का कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया। जबकि पटवारी की रिपोर्ट के अनुसार यह पूरी सड़क शमलात भूमि में दर्ज है।


धनीराम तनवर ने कहा कि सरकार गरीबों, पिछड़ों और दलितों के उत्थान के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कंडला गांव की स्थिति इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण मजबूर होकर आंदोलन और अनशन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।


सभा ने सरकार से पुनः आग्रह किया है कि कंडला गांव की इस सड़क को शीघ्र प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शामिल कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही ग्रामीणों की पीड़ा का समाधान हो सके और गांव के लोगों को न्याय मिल सके।

LIC

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