खेल मैदान सीबीएसई को देने पर भी जताई आपत्ति, ऊंचागांव विद्यालय को विकल्प बनाने की मांग; मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। कुनिहार बॉयज स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। कुनिहार विकास सभा ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए विद्यालय को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपी बोर्ड) के अधीन ही रखने की मांग की है। सभा ने सीबीएसई के लिए ऊंचागांव विद्यालय को विकल्प बनाने की पैरवी करते हुए दोनों विद्यालयों की भूमि का आंकड़ा भी सामने रखा है।

कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तंवर और कार्यकारिणी सदस्यों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कुनिहार बॉयज स्कूल मुख्य बाजार में स्थित एक ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान है। स्थानीय जनता चाहती है कि विद्यालय की वर्तमान पहचान और व्यवस्था बरकरार रहे तथा इसे एचपी बोर्ड के अधीन ही रखा जाए। सभा का कहना है कि जनता की सहमति के बिना विद्यालय और उसके खेल मैदान को सीबीएसई के अधीन करने का कोई भी निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सभा ने भूमि की उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कुनिहार बॉयज स्कूल के पास करीब तीन बीघा भूमि है, जबकि ऊंचागांव विद्यालय के नाम लगभग आठ बीघा भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा ऊंचागांव विद्यालय का यू-डायस कोड भी पहले से संचालित है। ऐसे में सभा ने सवाल किया कि जब सीबीएसई के निर्धारित मानकों के अनुरूप आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए ऊंचागांव में अधिक भूमि उपलब्ध है, तो कुनिहार बॉयज स्कूल को ही सीबीएसई से जोड़ने का प्रस्ताव क्यों लाया जा रहा है।विकास सभा ने विद्यालय के खेल मैदान को सीबीएसई के अधीन करने के प्रस्ताव पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि खेल मैदान की भूमि पर स्थानीय लोगों का मालिकाना हक है और वे इसे सीबीएसई को सौंपने के पक्ष में नहीं हैं। स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मैदान को एचपी बोर्ड के अधीन ही रखने की मांग की गई है। सभा ने यह भी कहा कि कुनिहार बॉयज स्कूल के पास सीबीएसई के निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है। ऐसे में सरकार को ऊंचागांव विद्यालय के विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सभा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कुनिहार बॉयज स्कूल को एचपी बोर्ड के अधीन रखा जाए और स्थानीय जनता की सहमति के बिना खेल मैदान को लेकर कोई फैसला न लिया जाए। कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तंवर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने स्थानीय जनता की भावनाओं और मांगों को नजरअंदाज किया तो विकास सभा और स्थानीय लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से समय रहते इस मामले का समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता के विरोध के बावजूद निर्णय थोपा गया तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। संयुक्त बयान जारी करने वालों में प्रधान धनीराम तंवर सहित भागमल तंवर, बाबूराम तंवर, देवी राम मेहता, संतराम ठाकुर, जगदीश ठाकुर, धर्म सिंह, अनिल वर्मा, बलबीर चौधरी, प्रेम चौधरी, सनी राघव, ओम प्रकाश ठाकुर, ज्ञान ठाकुर, दीप राम ठाकुर, नागेंद्र ठाकुर, दिनेश, राजेश कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।



