गर्भवती महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य और स्तनपान के महत्व की दी जानकारी, 63 लोगों तक पहुंचाया जागरूकता संदेश
ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज- विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में एमसीएच अर्की में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं सहित अन्य प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और मानसिक समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार के प्रति जागरूक किया गया।

इस अवसर पर सिविल अस्पताल अर्की के एचआईवी परामर्श एवं परीक्षण सेवाओं के काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संपूर्ण स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। व्यस्त जीवनशैली, पारिवारिक परिस्थितियों और आर्थिक चिंताओं के कारण तनाव, चिंता तथा अवसाद जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में अपनी परेशानियों को छिपाने के बजाय परिवार के सदस्यों या स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं को बताया कि गर्भावस्था के दौरान शारीरिक बदलावों के साथ मानसिक एवं भावनात्मक बदलाव भी होते हैं। ऐसे समय में परिवार का सहयोग, पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद और नियमित स्वास्थ्य जांच आवश्यक हैं। लगातार उदासी, अत्यधिक चिंता या नींद में परेशानी होने पर स्वास्थ्य कर्मियों से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक बीमारी कमजोरी का संकेत नहीं है। समय पर उपचार, उचित परामर्श और परिवार के सहयोग से मानसिक समस्याओं का प्रभावी प्रबंधन संभव है।
कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सपना ठाकुर ने गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जन्म के बाद पहले छह महीने तक शिशु को केवल मां का दूध पिलाना चाहिए। मां का दूध शिशु के विकास और रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को योग, ध्यान, नियमित शारीरिक गतिविधियों और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों और सामाजिक भेदभाव को दूर करने की अपील की गई। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से कुल 63 लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाया गया।


