कुनिहार में रामलीला के पांचवें दिन केवट प्रसंग ने मोहा मन, राम वनवास के मार्मिक दृश्यों ने किया भावविभोर

केवट ने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को गंगा पार करवाई, भावुक दृश्यों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध


ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज-श्रीरामलीला जनकल्याण समिति कुनिहार की ओर से आयोजित रामलीला के पांचवें दिन का शुभारंभ भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की आकर्षक झांकी के साथ हुआ। इस दौरान चौधरी कंस्ट्रक्शन के नमन चौधरी और मोक्ष चौधरी ने प्रभु श्रीराम की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने समिति को 11 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट की।


नमन चौधरी और मोक्ष चौधरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा से चौधरी कंस्ट्रक्शन सैकड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रही है। समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश सैनी ने मुख्य अतिथियों को पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।


रामलीला के पांचवें दिन संदीप जोशी के निर्देशन में राम वनवास से लेकर गंगा पार करने तक के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। मंचन की शुरुआत कैकेयी और मंथरा के प्रसंग से हुई। भगवान श्रीराम के राजतिलक की घोषणा के बाद दासी मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी कोप भवन में चली जाती हैं। इसके बाद महाराजा दशरथ से अपने दो वरदानों के रूप में श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास और भरत के लिए राजतिलक मांगती हैं।
पितृ आज्ञा का पालन करते हुए भगवान श्रीराम भगवा वस्त्र धारण कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ वन की ओर प्रस्थान करते हैं। इस दौरान मंत्री सुमंत के साथ वनगमन राजा गुह से भेंट और केवट द्वारा भगवान श्रीराम लक्ष्मण तथा माता सीता को गंगा पार करवाने के दृश्य का सुंदर मंचन किया गया। केवट प्रसंग ने दर्शकों को विशेष रूप से भावविभोर किया।
इसके बाद मंत्री सुमंत के अयोध्या लौटने पुत्र वियोग में महाराजा दशरथ के प्राण त्यागने और कैकेयी के नगर में भरत को स्वप्न के माध्यम से पिता की मृत्यु का आभास होने जैसे मार्मिक दृश्यों का मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।

LIC

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