ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज-भूमती पंचायत में डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आर.के.वी.वाई.परियोजना के तहत मिलेट्स प्रसंस्करण एवं उद्यमिता विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में किसानों, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को श्री अन्न यानी मोटे अनाज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. मनीषा कौशल और डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने प्रतिभागियों को मिलेट्स के पोषण संबंधी महत्व, प्रसंस्करण तकनीकों तथा इनसे मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान मिलेट्स से मफिन और फलों का जैम जैसे उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक एफएसएसएआई पंजीकरण एवं लाइसेंस संबंधी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उत्पादों के व्यावसायिक उत्पादन और विपणन के बारे में भी जागरूक किया गया।
इस अवसर पर भूमती पंचायत की प्रधान शकुंतला, उपप्रधान विनय शर्मा, पंचायत सचिव विजय लक्ष्मी तथा पंचायत के वार्ड सदस्य सहित अन्य उपस्थित रहे।



