स्थानीय युवाओं के रोजगार और कारोबार में भागीदारी पर भी मांगा स्पष्ट जवाब
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज– भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर प्रदेश सरकार से समझौते की वित्तीय और कानूनी शर्तों सहित हिमाचल के हितों से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। छह राज्यों के बीच किशाऊ परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर 15 सितंबर को समझौता हुआ था।

डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार को परियोजना से हिमाचल को होने वाले दीर्घकालीन आर्थिक लाभ, जल अधिकारों, बिजली की हिस्सेदारी और भविष्य की वित्तीय व्यवस्था को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने परियोजना के संभावित प्रभावों की विस्तृत रिपोर्ट भी सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना के निर्माण से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। निर्माण कार्य, परिवहन, मशीनरी, निर्माण सामग्री, होटल और अन्य सेवाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार को स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए।
डॉ. बिंदल ने सवाल उठाया कि क्या समझौते में हिमाचल के युवाओं के लिए रोजगार की कोई बाध्यकारी व्यवस्था की गई है। उन्होंने परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान सृजित होने वाले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा उनमें स्थानीय लोगों की संभावित भागीदारी का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने स्थानीय ठेकेदारों, परिवहन व्यवसायियों और छोटे कारोबारियों की भागीदारी को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। डॉ. बिंदल ने कहा कि किसानों, युवाओं और प्रभावित परिवारों के अधिकारों से जुड़े सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से किशाऊ परियोजना से संबंधित वित्तीय और कानूनी शर्तें सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को श्वेतपत्र जारी कर केंद्र और राज्यों के वित्तीय योगदान, हिमाचल के जल अधिकार, बिजली की हिस्सेदारी, अनुमानित आय, सिंचाई सुविधाओं और रोजगार संबंधी प्रावधानों की जानकारी देनी चाहिए।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा किशाऊ परियोजना के आगे बढ़ने का स्वागत करती है, लेकिन उसका सवाल परियोजना के निर्माण से नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के दीर्घकालीन आर्थिक हितों और जल अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने सरकार से प्रदेश की जनता को यह स्पष्ट करने की मांग की कि नए समझौते से हिमाचल को वास्तविक रूप से क्या लाभ मिलेगा और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी, बिजली तथा रोजगार के संबंध में क्या व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।


