48 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं स्तनपान के महत्व की दी जानकारी।
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज – विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर सीडीपीओ कार्यालय अर्की में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए स्तनपान के महत्व को बढ़ावा देना तथा समुदाय में सही एवं वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करना था।

कार्यक्रम का नेतृत्व खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने किया, जबकि समन्वय सीडीपीओ गीता देवी ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में सिविल अस्पताल अर्की के एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सर्विसेज के काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 48 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

डॉ. शांडिल ने बताया कि माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु का पहला प्राकृतिक टीका होता है, जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। उन्होंने जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने पर जोर देते हुए कहा कि इस दौरान बच्चे को पानी, शहद, घुट्टी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छह माह बाद स्तनपान जारी रखते हुए बच्चे को पौष्टिक पूरक आहार देना आवश्यक है, जिससे उसके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास में मदद मिलती है।

कार्यक्रम में स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निराकरण किया गया तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को जागरूक करने का आह्वान किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता फैलाने और स्तनपान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।



