जनसुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था को प्राथमिकता, पहली ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव।
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत साई में नवनिर्वाचित पंचायत की पहली ग्राम सभा पंचायत प्रधान लेखराम की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बीडीसी सदस्य चंपा देवी, पंचायत प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। निर्धारित कोरम पूरा होने के बाद ग्राम सभा की कार्यवाही शुरू हुई।

बैठक के दौरान पंचायत प्रधान लेखराम एवं उपप्रधान कमलेश भारद्वाज ने पूर्व प्रधान हरीराम वर्मा, पूर्व उपप्रधान देवेंद्र कुमार तथा पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
पंचायत सचिव सुखराम ठाकुर ने वित्त वर्ष 2025-26 के विकास कार्यों का आय-व्यय विवरण, बीपीएल सूची तथा अन्य निर्धारित कार्यसूची ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत की। इसके बाद पंचायत के विकास एवं जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

ग्राम सभा में पंचायत के सभी दस गांवों में बिना अनुमति फेरी लगाने वाले एवं अज्ञात व्यक्तियों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि यह व्यवस्था पिछले पांच वर्षों से प्रभावी थी, जिसे नई पंचायत ने भी जारी रखने का फैसला लिया है।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायत क्षेत्र में कोई भी मकान मालिक प्रवासी मजदूर अथवा किरायेदार को कमरा देने से पहले उसका पुलिस सत्यापन करवाएगा तथा पंचायत कार्यालय में उसका पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

सामाजिक परंपराओं में एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से ग्राम सभा ने किन्नर समुदाय को विवाह एवं बालक के जन्म के अवसर पर दी जाने वाली न्यूनतम शगुन राशि 1100 रुपये निर्धारित करने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
ग्राम प्रधान लेखराम ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में सुरक्षा, सामाजिक समरसता एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों का सभी ग्रामीणों से सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने पंचायत के समग्र विकास में जनसहभागिता को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए सभी से ग्राम सभा के प्रस्तावों का पालन करने का आग्रह किया।
बैठक में वार्ड सदस्य अनंतराम, नीमा देवी, हरिदास, निशा देवी, मीरा देवी, पूर्व उपप्रधान नरसिंह दास, तकनीकी सहायक मदन लाल, जीआरएस मोनिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


