ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज– बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर ग्रामीण क्षेत्रों की बस सेवाओं में लगातार कटौती करने का आरोप लगाते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे तथाकथित ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का सबसे अधिक खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

परसराम ठाकुर ने कहा कि वर्षों से संचालित कई महत्वपूर्ण बस सेवाओं को एचआरटीसी द्वारा बंद कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़-भराड़ीघाट, शिमला-जामली सहित कई महत्वपूर्ण बस सेवाएं बंद कर दी गई हैं। वहीं बागा-दिल्ली बस सेवा को भी केवल चंडीगढ़ तक सीमित कर दिया गया है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों के यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

उन्होंने कहा कि शिमला–मांजू बस सेवा, जो पहले शाम 5:40 बजे शिमला से चलती थी और अर्की से शाम 7:45 बजे मांजू के लिए रवाना होती थी, उसे भी बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब शिमला से रात 7:10 बजे चलने वाली शिमला–अर्की बस, जिसका रात्रि ठहराव पहले अर्की में होता था, उसे केवल औपचारिकता के तौर पर रात करीब 9 बजे मांजू भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार यह बस मांजू तक जाती ही नहीं, जिससे रात के समय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और उन्हें स्वयं को ठगा हुआ महसूस होता है।

परसराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का दायित्व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान सरकार सुविधाएं बढ़ाने के बजाय लगातार कम कर रही है। उन्होंने कहा कि बस सेवाओं में कटौती का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए बंद अथवा सीमित की गई सभी बस सेवाओं को शीघ्र पुनः बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सके और उन्हें बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो।



