ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- हिमाचल प्रदेश के होमगार्ड जवान आज पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर निरंतर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त होमगार्ड जवान मेले, चुनाव, वीवीआईपी सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटी के साथ-साथ किसी भी प्रकार की प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा के समय प्रथम प्रतिक्रिया बल (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इसके बावजूद होमगार्ड जवानों को उनका मानदेय एवं भत्ते समय पर प्राप्त नहीं हो रहे हैं, जिससे उन्हें अपने बच्चों की शिक्षा, माता-पिता के उपचार तथा परिवार के दैनिक खर्चों का वहन करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

यह जानकारी गृह रक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह चौहड़िया ने दी। उन्होंने बताया कि फरवरी एवं मार्च माह में होमगार्ड जवानों को विधानसभा सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया था। इसके अतिरिक्त पंचायत चुनावों में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं, लेकिन आज तक इन ड्यूटियों का मानदेय एवं भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, पिछले वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात जवानों को उनके बस किराये का भुगतान भी अब तक नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवानों को स्वयंसेवक कहकर टीए/डीए, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, भविष्य निधि (ईपीएफ), पेंशन तथा अन्य मूलभूत सेवा लाभों से वंचित रखा गया है। उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की भांति विभिन्न प्रकार के अवकाश भी उपलब्ध नहीं हैं तथा रविवार के स्थान पर पूरे माह में केवल चार दिन का अवकाश दिया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में होमगार्ड जवानों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री, महानिदेशक, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा से आग्रह किया है कि विधानसभा सुरक्षा,पंचायत चुनाव तथा अन्य ड्यूटियों के लंबित मानदेय एवं भत्तों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वर्ष 2016 के संशोधित वेतनमान के एरियर की अभी तक केवल एक-दो किस्तों का ही भुगतान किया गया है, जबकि शेष एरियर आज भी लंबित है। संघ ने आग्रह किया है कि शेष एरियर का भी शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि होमगार्ड जवानों को उनका वैध देय समय पर प्राप्त हो सके।


