ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज – पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की त्रैमासिक बैठक रविवार को कुनिहार के एक निजी होटल में संयोजक एवं वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत हाल ही में दिवंगत हुए पेंशनरों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इस दौरान पीटीआई गोपाल पंवर को भी श्रद्धांजलि दी गई।

बैठक में पेंशनरों ने सरकार द्वारा लंबित मेडिकल बिलों और महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान न किए जाने पर रोष व्यक्त किया। सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 17 दिसंबर 2025 को स्थापना दिवस के अवसर पर घुमारवीं तथा इससे पहले शिमला में भी घोषणा की थी कि पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिल एक माह के भीतर अदा किए जाएंगे, लेकिन अब तक इसका भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई पेंशनर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और अपने इलाज के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जबकि उनके मेडिकल बिल पिछले तीन वर्षों से लंबित पड़े हैं।


बैठक में बताया गया कि जिला सोलन के पेंशनरों ने कुछ समय पहले पुलिस महानिदेशक से शिमला मुख्यालय में मुलाकात कर पुलिस पेंशनरों के निधन पर गार्ड ऑफ ऑनर देने की मांग उठाई थी, जिस पर शीघ्र आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
एसोसिएशन ने सरकार और पुलिस विभाग से मांग की कि लंबित घोषणाओं को जल्द पूरा किया जाए और पेंशनरों के सभी वित्तीय लाभों का भुगतान शीघ्र किया जाए, विशेषकर मेडिकल बिलों का भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाए ताकि पेंशनर समय पर अपना उपचार करवा सकें।
बैठक में नेकीराम, सतराम चंदेल, पुष्पा सूद, पतराम, दीप राम ठाकुर, दिलाराम, नागेंद्र ठाकुर, वेद ठाकुर, सतपाल शर्मा, जसबीर सिंह, शामलाल भाटिया, प्रेम कंवर, जियालाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में यह भी कहा गया कि पेंशनरों का 16 प्रतिशत डीए भी अभी तक जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को भी उनके वित्तीय लाभ नहीं मिल पाए हैं। इन मांगों को लेकर संघर्ष समिति ने सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में 16 मार्च को जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो 30 मार्च को शिमला में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पेंशनरों ने मांग उठाई कि उनके बच्चों के लिए पुलिस भर्ती में कुछ सीटें आरक्षित की जाएं। साथ ही पुलिस लाइन में उपलब्ध सस्ती दरों की कैंटीन को मोबाइल कैंटीन के रूप में विभिन्न थाना क्षेत्रों में ले जाया जाए, ताकि पेंशनर भी इसका लाभ उठा सकें। इसके अलावा पुलिस कर्मियों को नए वेतनमान के अनुसार अतिरिक्त भुगतान देने की भी मांग की गई।


