अर्की में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का मासिक सत्संग, साध्वी ममता भारती ने दिए आध्यात्मिक प्रवचन

दैनिक हिमाचल न्यूज ब्यूरो-  दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा रविवार को अर्की में मासिक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्थान के संस्थापक व संचालक आशुतोष महाराज जी की शिष्याओं साध्वी ममता भारती और मीना भारती ने सत्संग एवं भजनों के द्वारा ईश्वर की महिमा का बखान किया।

साध्वी ममता भारती ने अपने प्रवचनों में बताया कि ईश्वर मानव से सच्ची श्रद्धा और भाव की इच्छा रखता है। भावों के द्वारा ही ईश्वर को प्रसन्न किया जा सकता है। परमात्मा के दरबार में सांसारिक मोह माया,पद प्रतिष्ठा किसी भी काम नहीं आती। यही कारण था कि दुर्योधन द्वारा पेश किए गए राजसी व्यंजनों को त्याग कर भगवान श्री कृष्ण विदुर के घर साग का भोग लगाने पहुंच जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भक्त और भगवान का रिश्ता अटूट होता है। भक्त भूलवश या अज्ञानतावश ईश्वर को भूल भी जाए, लेकिन ईश्वर अपने भक्त को कभी नहीं भूलते तथा हर विकट परिस्थिति में अपने भक्त का मार्गदर्शन करते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने अपने भक्त भीष्म पितामह को बहुत समझाया कि वह धर्म का साथ दे लेकिन सांसारिक रिश्तों की मोह माया में बंधे भीष्म पितामह अधर्म पर चले दुर्योधन का साथ देते हैं और बहुत कष्ट झेलते हैं। साध्वी भारती ने यह भी कहा कि ईश्वर समय समय पर पूर्ण गुरु के रूप में धरती पर अवतार लेते हैं तथा अपने शिष्यों का उद्धार करते हैं।

LIC

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