ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज-आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू, प्रोजेक्ट अर्की की बैठक बिमला ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कर्मियों की लंबित मांगों पर चर्चा करते हुए 23 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। साथ ही 1 और 2 दिसंबर को दिल्ली में होने वाले घेराव में सोलन से सैकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के भाग लेने की बात कही गई।

बैठक में सीटू जिला महासचिव मोहित वर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में पिछले 14 वर्षों से एक रुपये की भी वृद्धि नहीं हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इतने कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने वाली महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। आंगनवाड़ी कर्मी बच्चों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं, इसलिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और कर्मचारी का दर्जा देना सरकार की जिम्मेदारी है। बैठक में मानदेय वृद्धि एरियर सहित लागू करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी, ईपीएफ, नियमित कर्मचारी का दर्जा, 3,000 रुपये मासिक पेंशन और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा मेडिकल अवकाश, दुर्घटना एवं मृत्यु पर मुआवजा, आयुष्मान कार्ड में पूरे परिवार को शामिल करने, फोन रिचार्ज और लंबित बिलों का भुगतान तथा खराब मोबाइल बदलकर नए स्मार्टफोन उपलब्ध करवाने की मांग भी की गई। यूनियन ने अतिरिक्त विभागीय ड्यूटी पर रोक लगाने, पात्र सहायिकाओं को कार्यकर्ता पदों पर प्राथमिकता देने, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने और छुट्टियों की सुविधा प्रदान करने की मांग रखी। सीटू नेताओं ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सभी कर्मियों से एकजुट होकर आगामी प्रदर्शन और दिल्ली घेराव को सफल बनाने की अपील की।
बैठक में सीटू जिला महासचिव मोहित वर्मा, स्वर्चा गुप्ता, कांत ठाकुर, शकुंतला, मोनिका, सुनीता, संगीता, रामप्यारी और बसंती सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


