ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ के आह्वान पर 21 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीमेंट मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। महासंघ के महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन में देश के 15 राज्यों से करीब 1500 सीमेंट मजदूर शामिल हुए।

ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान सीमेंट उद्योग में ठेका प्रथा समाप्त करने, लंबे समय से कार्यरत ठेका श्रमिकों को नियमित करने तथा वेतन समझौते में ठेका श्रमिकों को भी शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। उन्होंने कहा कि महासंघ का मानना है कि सीमेंट उद्योग में स्थायी श्रमिकों की संख्या लगातार कम हुई है और बड़ी संख्या में श्रमिक ठेका व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन को महासंघ के अखिल भारतीय प्रभारी राजविहारी शर्मा ने संबोधित किया। महासंघ के अध्यक्ष सुरेश भाई ने कहा कि ठेका श्रमिकों को वेतन समझौते में शामिल किए जाने के बाद ही समझौते पर सहमति देने की बात रखी गई है।
ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि महासंघ ने ठेका प्रथा पर रोक लगाने, लंबे समय से कार्यरत ठेका श्रमिकों को नियमित करने और उन्हें स्थायी श्रमिकों के समान वेतन समझौते का लाभ देने की मांग की है। इसके अलावा सीमेंट उद्योग में सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष निर्धारित करने की मांग भी रखी गई।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के बाद महासंघ के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय में मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सुरेश भाई, ओमप्रकाश शर्मा, मंगलाल वाल्मीकि और शंकर सिंह रावत शामिल रहे।
ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि जंतर-मंतर के कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश के महामंत्री डॉ. दीपेंदर चाहर और प्राइवेट सेक्टर के इंचार्ज रविंदर हिमटे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय मजदूर संघ सीमेंट उद्योग में ठेका श्रमिकों के शोषण को सहन नहीं करेगा।
शर्मा ने बताया कि 30 सितंबर से प्रदेशवार धरना-प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही प्रत्येक सीमेंट उद्योग में श्रमिक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। महासंघ ने केंद्र सरकार से सीमेंट मजदूरों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।


