ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत पलोग के मांजू गांव निवासी तथा हिमाचल स्कूल शिक्षा विभाग धर्मशाला से सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी धर्मसिंह चौहान ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वर्तमान आर्थिक स्थिति और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित देनदारियों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से बोर्ड के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी करने तथा पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है।

धर्मसिंह चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। शिक्षा विभाग से पाठ्यपुस्तकों की छपाई एवं सप्लाई के बदले करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। इसके चलते बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाला एरियर भी अटक गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अन्य सरकारी विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके लंबित एरियर का भुगतान किया जा चुका है, जबकि स्कूल शिक्षा बोर्ड के पेंशनर अभी भी इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित एरियर जारी करने की मांग की।

70 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों को भी नहीं मिला एरियर
चौहान ने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को भी एरियर का भुगतान नहीं हो पाना चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे वरिष्ठ पेंशनरों के लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जारी किया जाए।

उन्होंने स्कूल शिक्षा बोर्ड के कामकाज और भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की। चौहान ने कहा कि प्रदेश के 154 स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने के फैसले के बाद बोर्ड की कार्यप्रणाली और आय पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में 100 और स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की बात सामने आ रही है, ऐसे में स्कूल शिक्षा बोर्ड के अस्तित्व, कामकाज और इससे जुड़े कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखना जरूरी है।
900 परिवारों के भविष्य पर सवाल
धर्मसिंह चौहान ने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनरों के कारण करीब 900 परिवारों का भविष्य जुड़ा हुआ है। ऐसे में बोर्ड की आर्थिक स्थिति और भविष्य से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले इन परिवारों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बोर्ड का करीब 100 करोड़ रुपये का रुका हुआ भुगतान शीघ्र जारी करवाया जाए, ताकि बोर्ड की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित देनदारियों का भुगतान किया जा सके। साथ ही उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को सुरक्षित रखने की भी मांग की।





