डीफ अवेयरनेस वीक के तहत अर्की में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को किया जागरूक

बहरेपन की समय पर पहचान, जांच, उपचार और पुनर्वास के बारे में दी जानकारी।

ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। जिला सोलन में चल रहे डीफ अवेयरनेस वीक के अंतर्गत सीडीपीओ कार्यालय अर्की में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अर्की डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया।


इस अवसर पर सिविल अस्पताल अर्की में एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सर्विसेज के काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को श्रवण बाधित बच्चों एवं व्यक्तियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बहरेपन की पहचान, रोकथाम, उपचार एवं पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।


डॉ. शांडिल ने बताया कि सुनने की क्षमता में कमी या बहरेपन की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। विशेषकर बच्चों में श्रवण क्षमता प्रभावित होने से उनकी भाषा, बोलने की क्षमता, शिक्षा, सामाजिक विकास और आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है। ऐसे में समस्या की समय रहते पहचान और उचित उपचार बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि यदि छोटे बच्चे को आवाज देने पर प्रतिक्रिया नहीं होती, तेज आवाज पर वह ध्यान नहीं देता, बोलना सीखने में देरी होती है या उम्र के अनुसार भाषा एवं संचार कौशल विकसित नहीं हो रहे हैं, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे बच्चों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए भेजना आवश्यक है।
कार्यक्रम में श्रवण क्षमता प्रभावित होने के विभिन्न कारणों और बचाव के उपायों पर भी जानकारी दी गई।

बताया गया कि कुछ संक्रमण, कान में बार-बार होने वाले संक्रमण, अत्यधिक तेज आवाज, कान में चोट, कुछ दवाओं का अनुचित उपयोग और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान उचित स्वास्थ्य देखभाल, संक्रमण से बचाव, बच्चों का समय पर टीकाकरण तथा कानों की स्वच्छता एवं सुरक्षा पर ध्यान देकर कई समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।


बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता देवी ने भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बहरेपन की समस्या के प्रति अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पोषण के विषय पर भी कार्यकर्ताओं से चर्चा की। गीता देवी ने स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय-समय पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके माध्यम से प्राप्त जानकारी को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए आसानी से जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है।


कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की विकासात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने तथा सुनने या बोलने में किसी प्रकार की समस्या दिखाई देने पर अभिभावकों को समय पर स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करने को कहा गया। प्रारंभिक पहचान और समय पर हस्तक्षेप से बच्चों की संचार एवं सीखने की क्षमता में सुधार संभव है।


कार्यक्रम के दौरान श्रवण बाधित व्यक्तियों को समान अवसर, सम्मान और सहयोग देने तथा उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर भी जोर दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने श्रवण बाधिता से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की और अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश “समय पर पहचान, समय पर जांच और समय पर उपचार” रहा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग दिया।

LIC

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