ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- न्यू बस स्टैंड अर्की में मंगलवार को चालकों एवं परिचालकों के लिए सामुदायिक आधारित स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुक्ता रस्तोगी के दिशा निर्देशानुसार किया गया। इस दौरान चालकों एवं परिचालकों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की गई।

कार्यक्रम में सिविल अस्पताल अर्की के एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सर्विसेज के काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने एचआईवी/एड्स, सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और टीबी से बचाव, लक्षण, जांच एवं उपचार के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों की समय पर पहचान और उचित उपचार से गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचा जा सकता है।

उन्होंने एचआईवी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए बताया कि संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य सामाजिक संपर्क, हाथ मिलाने, साथ बैठने, भोजन साझा करने अथवा साथ काम करने से एचआईवी नहीं फैलता। उन्होंने एचआईवी से प्रभावित लोगों के प्रति सम्मानजनक एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान टीबी के संभावित लक्षणों, जिनमें लंबे समय तक खांसी, बुखार, रात को पसीना आना, वजन कम होना और कमजोरी शामिल हैं, के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रतिभागियों को ऐसे लक्षण होने पर समय पर जांच करवाने की सलाह दी गई।
लैब टेक्नीशियन मनीष कुमार ने एचआईवी/एड्स, सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी की आवश्यक स्क्रीनिंग एवं जांच प्रक्रिया पूरी की। प्रतिभागियों को जांच की गोपनीयता तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।

डॉ. विजय कुमार शांडिल ने कहा कि चालक एवं परिचालक लगातार विभिन्न स्थानों की यात्रा करते हैं और अनेक लोगों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनके लिए नियमित स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य संबंधी सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में समाधान किया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चालकों एवं परिचालकों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करने की अपील की।



