ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज : वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पावन मोहिनी एकादशी आज सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर सहायरात्मज ज्योतिष कार्यालय, बातल(छोटी काशी) के ज्योतिषाचार्य लोकेश कौशिक ने व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की विस्तृत जानकारी साझा की है।

ज्योतिषाचार्य लोकेश कौशिक ने बताया कि एकादशी तिथि का प्रारम्भ 26 अप्रैल 2026 को सायं 6:15 बजे से शरु हो चुका है तथा इसका समापन 27 अप्रैल 2026 को सायं 6:24 बजे होगा। व्रत का पारण 28 अप्रैल को प्रातः 06:10 बजे से 08:20 बजे के बीच किया जाएगा, जबकि द्वादशी तिथि का समापन उसी दिन सायं 7 बजे होगा।

उन्होंने बताया कि मोहिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु तथा भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान को श्वेत वस्त्र अर्पित कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करनी चाहिए। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन के दुखों से मुक्ति मिलती है।

ज्योतिषाचार्य लोकेश कौशिक के अनुसार, धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार भगवान श्रीराम ने महर्षि वशिष्ठ से इस व्रत का महत्व जाना था। वहीं भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को इसके प्रभाव के बारे में बताया कि मोहिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य मोह और पापों के बंधनों से मुक्त हो जाता है।

उन्होंने आगे बताया कि प्राचीन कथा में वर्णित धृष्टबुद्धि नामक व्यक्ति ने इस व्रत को विधिपूर्वक कर अपने पापों से मुक्ति पाई और अंत में विष्णुधाम को प्राप्त हुआ। इस व्रत का श्रवण और पाठ करना भी सहस्र गौदान के समान फलदायी माना गया है।
अंत में ज्योतिषाचार्य लोकेश कौशिक ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर व्रत रखकर भगवान विष्णु और भगवान श्रीराम की आराधना करें तथा अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करें।



