ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज– हिमाचल प्रदेश में टीजीटी बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से ठप होने के विरोध में बीएड प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सोलन जिला के कुनिहार में हिमाचल प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में वर्षों से टीजीटी के पदों पर बैचवाइज भर्ती नहीं हो रही है, जिससे हजारों योग्य और प्रशिक्षित अभ्यर्थी बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार करने के करीब पहुंच चुके हैं, जिससे उनके भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। युवाओं ने आरोप लगाया कि सरकार और विभाग द्वारा स्पष्ट नियमों के बावजूद भर्ती प्रक्रिया को शुरू नहीं किया जा रहा, जो उनके साथ सीधा अन्याय है।

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों, खासकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। एक ही शिक्षक द्वारा कई विषय पढ़ाने की मजबूरी से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों का उचित मार्गदर्शन भी नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

बैठक में यह भी चेताया गया कि मार्च माह के बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से हालात और बिगड़ सकते हैं। यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आगामी शैक्षणिक सत्र में स्कूलों में शिक्षकों का और अधिक संकट गहरा जाएगा, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा।

बीएड बेरोजगार यूनियन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश में रिक्त पड़े टीजीटी पदों का शीघ्र आकलन कर बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से शुरू किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज करने को मजबूर होगी।


