अर्की राजमहल परिसर में श्रीमद्भागवत कथा को पूर्णाहुति के साथ विराम, भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ आयोजन

योगेश चौहान//दैनिक हिमाचल न्यूज//अर्की : उपमंडल अर्की के ऐतिहासिक राजमहल परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा को बुधवार को विधिवत पूर्णाहुति के साथ विराम दिया गया।

पूरे सप्ताह चले इस दिव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भागवत रूपी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर धर्म लाभ अर्जित किया। कथा के दौरान आचार्य संदीपन वशिष्ठ ने राजा परीक्षित और शुकदेव मुनि के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर उन्हें मोक्ष का मार्ग दिखाया।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का अंतिम अध्याय भक्त को भक्ति, वैराग्य और मोक्ष की ओर प्रेरित करता है, जहां मनुष्य भगवान के चरणों में पूर्ण समर्पण के भाव को प्राप्त करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कथाएं कभी समाप्त नहीं होतीं, बल्कि उन्हें केवल विराम दिया जाता है और उनका संदेश जीवनभर मनुष्य का मार्गदर्शन करता है।


अंतिम दिन कथा से पूर्व विधिवत पूर्णाहुति संपन्न हुई, जिसमें राजपरिवार सहित श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां डालकर पुण्य अर्जित किया। इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी के मिलन का अत्यंत भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया, जिसमें सच्ची मित्रता, समर्पण और भक्ति की अद्भुत झलक ने कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।


सात दिवसीय कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, पूतना वध, माखन चोरी, कालिया नाग दमन, कंस वध तथा उद्धव-गोपी संवाद जैसे प्रसंगों का संगीतमय और भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे।
इस धार्मिक आयोजन में बाघल राजपरिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिसमें दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस सात दिवसीय कथा में कथा श्रवण के लिए पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, पूर्व जिला परिषद सदस्य आशा परिहार, नगर पंचायत अर्की के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता, स्थानीय विधायक संजय अवस्थी की धर्मपत्नी मीनाक्षी अवस्थी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा शर्मा, पूर्व पार्षद रुचिका गुप्ता, धर्मपाल शर्मा, भारती वर्मा सहित राजपरिवार के शाही मेहमान एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


राजपरिवार के मुखिया कुंवर नागेंद्र सिंह, उनके पुत्र राहुल एवं पुत्रवधू मयूराक्षी सिंह सहित समस्त परिवार ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


कथा के अंतिम दिवस  समाजसेवी राजेंद्र ठाकुर व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष हेमेंद्र गुप्ता ने भी कथा पंडाल में उपस्थित होकर श्रद्धापूर्वक कथा का रसपान किया।


समापन अवसर पर राजपरिवार ने आचार्य संदीपन वशिष्ठ जी का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी संगीतमय एवं प्रेरणादायक वाणी से कथा को जीवंत बनाया। साथ ही सभी श्रद्धालुओं का भी धन्यवाद किया गया, जिन्होंने इस पावन आयोजन में सहभागिता कर इसे सफल बनाया।

LIC

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