ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- नागरिक अस्पताल अर्की में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी की अध्यक्षता में क्षय रोग (टीबी) को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाना तथा दवा विक्रेताओं और आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों की भूमिका को सशक्त करना रहा।

कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ की टीम ने भाग लेते हुए कैमिस्टों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया, दवा वितरण और रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। बीएमओ डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि टीबी गंभीर लेकिन पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, यदि मरीज समय पर जांच करवाकर पूरा उपचार ले। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन में कमी या रात को अत्यधिक पसीना आने की शिकायत हो तो उसे तुरंत अस्पताल में जांच के लिए भेजा जाए। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं देने से बचने की भी अपील की गई।

कार्यशाला में निर्देश दिए गए कि यदि कोई मरीज कैमिस्ट शॉप पर खांसी की दवाई लेने आता है तो उसे थूक जांच कराने की सलाह दी जाए तथा खांसी की दवाओं की बिक्री का रिकॉर्ड रखा जाए। इसके लिए एक एप्लीकेशन विकसित करने का सुझाव भी दिया गया, जिसमें मरीज का नाम और दवा विक्रय का विवरण दर्ज किया जा सके।

कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक चिकित्सकों, लगभग 30 आयुर्वेदिक मेडिकल अधिकारियों तथा करीब 70 दवा विक्रेताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉक्टर निशांत, डॉ. अनूप, ड्रग इंस्पेक्टर राकेश कौशल और वरिष्ठ चिकित्सा पर्यवेक्षक हेमंत गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे। उपस्थित दवा विक्रेताओं ने टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आश्वासन दिया।





