जयनगर कॉलेज को बंद न करने की मांग, आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जयनगर कॉलेज बंद करने के प्रस्ताव का आम आदमी पार्टी ने किया कड़ा विरोध।।


ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- हिमाचल प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को बंद करने के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक व सामाजिक हलकों में विरोध शुरू हो गया है। अर्की क्षेत्र के जयनगर कॉलेज को बंद किए जाने की चर्चाओं पर आम आदमी पार्टी (AAP) और स्थानीय लोगों ने कड़ा ऐतराज जताया है।

आम आदमी पार्टी और क्षेत्रीय निवासियों ने उप-मंडलाधिकारी (ना.) अर्की के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर जयनगर कॉलेज को बंद न करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में 100 से कम नामांकन वाले 21 कॉलेजों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया से मिली है। इस सूची में जयनगर कॉलेज का नाम भी सामने आया है, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

ज्ञापन में बताया गया है कि जयनगर कॉलेज सत्र 2017-18 से संचालित है और इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ने किया था। उस समय कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या 100 से 200 के बीच थी।

कॉलेज के पास आज तक अपना स्थायी भवन नहीं है और इसे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजरल के चार कमरों में अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कॉलेज शुरू होने के बाद से अब तक पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति भी नहीं की गई है।

जयनगर कॉलेज क्षेत्र का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, जहां आसपास की 20 से 25 पंचायतों के विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। कॉलेज में बालिकाओं की संख्या हमेशा अधिक रही है और वर्तमान में भी लगभग 50 छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा कॉलेज के नाम भूमि हस्तांतरण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन न तो भूमि स्थानांतरित हुई और न ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। हर वर्ष प्रवेश सत्र से पहले कॉलेज बंद किए जाने की चर्चाओं से विद्यार्थियों और अभिभावकों में भय और असमंजस की स्थिति बन जाती है।

आम आदमी पार्टी और स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जयनगर कॉलेज को बंद करने के किसी भी प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाई जाए, कॉलेज के लिए शीघ्र स्थायी भूमि आवंटित कर भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए तथा आवश्यक शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्ति की जाए।

पार्टी ने उम्मीद जताई है कि सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।

LIC

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