ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज़ – उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत पलोग के अंतर्गत मांजू वार्ड के कावली गांव को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में ग्राम सभा ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पंचायत द्वारा आयोजित ग्राम सभा की बैठक में तंबाकू मुक्त गांव बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। ग्राम सभा का उद्देश्य गांव के लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और तंबाकू के दुष्प्रभावों से समाज को सुरक्षित रखना है।

बैठक के दौरान ग्राम सभा ने निर्णय लिया कि महिला मंडल प्रधान कौशल्या को तंबाकू नियंत्रण प्रेरक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाए। वे पूरे गांव में तंबाकू नियंत्रण से संबंधित गतिविधियों का संचालन करेंगी और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
इस अवसर पर सिविल अस्पताल अर्की से काउंसलर–एचआईवी काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सर्विसेज डॉक्टर विजय कुमार शांडिल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और अन्य घातक समस्याओं का प्रमुख कारण है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव में यदि कोई दुकानदार तंबाकू, बीड़ी या सिगरेट बेचता है तो उसके पास वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है।उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को किसी भी प्रकार का तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनन प्रतिबंधित है और खुले सिगरेट या बीड़ी की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का पालन करना आवश्यक है।
डॉ. शांडिल ने तंबाकू मुक्त गांव के साथ-साथ एचआईवी/एड्स मुक्त समाज के निर्माण पर भी जोर दिया और समय पर जांच व उपचार के महत्व पर ग्रामीणों को जागरूक किया।

इस मौके पर स्थानीय पीएचसी में कार्यरत डॉ. चारवी ने भी तंबाकू के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और लोगों से तंबाकू पूरी तरह छोड़ने की अपील की ।

कार्यक्रम में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ज्योति चौहान, आशा वर्कर प्रोमिला,बीडीसी सदस्य सुनीता रघुवंशी, मांजू विद्यालय की कार्यकारी प्रधानाचार्य ज्योतिका कौशल,सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ताराचंद शर्मा,कांता, शकुंतला, हेमावती सहित ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में ग्रामवासियों ने अपने गांव को तंबाकू मुक्त गांव बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। यह कार्यक्रम खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डॉ. मुक्ता रस्तोगी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।



