सोलन जिला के अर्की तहसील में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए किसान हेतराम ने शुरू किया मत्स्य पालन

ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज़:-दाड़लाघाट,ग्रामीण क्षत्रों में रोजगार सृजन के साथ ही किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार मछली पालन को बढ़ावा दे रही है। सोलन जिला के अर्की तहसील की पंचायत सूरजपुर के गांव कुलावन (भेल) के कृषक हेतराम ने भी मतस्य पालन का कार्य शुरू किया है। पारंपरिक खेती से सीमित आय प्राप्त करने वाले हेतराम ने अपनी पुश्तैनी भूमि पर तालाब बनाकर मत्स्य पालन शुरू करने की योजना का अमलीजामा पहनाया। उन्होंने मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन में इन योजनाओं का लाभ उठाते हुए उन्होंने 0.32 हेक्टर भूमि पर यह प्रोजेक्ट तैयार किया और मछली पालन शुरू करने के लिए तीन टैंक का निर्माण करवाया,जिस पर एक लाख रुपये खर्च हुए।

हेतराम ने बताया कि टैंकों में कॉर्प फिश का बीज कृषि विभाग कार्यालय नालागढ़ से एक रुपये प्रति बीज मिला। इससे चार से छह माह में मछलियां तैयार होकर बाजार में बिकना शुरू होगी। उन्होंने कहा कि मछली पालन के लिए उन्हें प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कार्य मत्स्य पालन योजना के अंतर्गत निर्मित कॉर्प के तहत परियोजना की कुल लागत 12 लाख 40 हजार में उन्हें अनुदान सहायता राशि 3 लाख 14 हजार रुपये मिलेगी और कार्य पूर्ण होने की एक किश्त मिल चुकी है। हेतराम ने पारंपरिक खेती के साथ मछली पालन को अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की “मन की बात” से प्रेरित होकर यह कदम उठाया। उनका यह कदम न केवल उन्हें आय का एक नया स्रोत प्रदान करेगा,बल्कि इससे स्थानीय लोगों को ताजी मछली भी आसानी से जल्द बाजार में मिल पाएगी।

उन्होंने कहा कि विभाग के नालागढ़ केंद्र से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण में सिखाया कि मछली पालन कैसे आरंभ करें और मछली की देखभाल किस प्रकार की जाए। कहा कि प्रदेश सरकार की स्वावलंबन योजना से उन्हें कारोबार करने के लिए मदद मिलेगी,जो लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रोजेक्ट को लगाने के लिए करीब 7 वर्षों का समय लगा,इसके अलावा अर्की क्षेत्र में यह पहला प्रोजेक्ट होगा,उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी सारी भूमि इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री को समर्पित की है जब तक वह जीवित है।

हेतराम ने मछली पालन परियोजना के अलावा कई अन्य योजनाओं को भी अमलीजामा पहनाने की योजना बनाई है। इनमें जल संरक्षण के लिए नाले में बांध निर्माण,घराट का आधुनिकीकरण,सत्य पाच का विस्तार,गोन पालन और सूर्गी पालन शामिल हैं। इसके अलावा वे अंडरग्राउंड कोल्ड स्टोर निर्माण और प्रेरणादायक प्रशिक्षण केंद्र भवन निर्माण की भी योजना बना रहे हैं। इन योजनाओं को अमल में लाने से न केवल क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा,बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

LIC

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