ब्यूरो//दैनिक हिमाचल न्यूज़:- (अर्की) विकास समिति अर्की ने अगले विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। संस्था का प्रत्याशी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी रहे व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राजेंद्र ठाकुर को समिति ने अपना प्रत्याशी चुना है। रविवार को अर्की मुख्यालय के गौसदन में आयोजित समिति के सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया है।

अर्की में उप चुनाव के समय हुई कांग्रेस की उठा-पटक अब सामने आने लगी है। पिछले साल हुए अर्की विधानसभा उप चुनाव के लिए राजेंद्र ठाकुर ने भी पार्टी का टिकट मांगा था, लेकिन तब संजय अवस्थी को पार्टी ने टिकट दिया। इसका विरोध करते हुए राजेंद्र ठाकुर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारियों ने भी कांग्रेस छोड़ी थी । इसके लेकिन इसके बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी संजय अवस्थी चुनाव जीतने में कामयाब रहे। राजेंद्र ठाकुर के इस ऐलान के बाद अब आगामी विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर की उम्मीद है। राजनितिक सलाहकारों की मानें तो राजेंद्र ठाकुर के चुनाव लड़ने के ऐलान के साथ ही भाजपा और कांग्रेस की राह कठिन होती दिखाई दे रही है।

अर्की विधानसभा क्षेत्र में 72 पंचायते हैं और विकास समिति अर्की के कार्यक्रम में जिस तरह से यहां आए समर्थकों मे राजेंद्र ठाकुर के प्रति विश्वास देखा गया उससे ये तो साफ प्रतीत होता नज़र आ रहा है की आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की राह किसी भी उम्मीदवार के लिए आसान नहीं होगी।राजेंद्र ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के खास रहे हैं। वीरभद्र सिंह के अर्की के विधायक रहते वे पूरे निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय रहे।


वीरभद्र सिंह के निधन के कारण इस सीट पर उप चुनाव हुआ तो राजेद्र ठाकुर कांग्रेस टिकट के दावेदार बनकर सामने आए लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने संजय अवस्थी पर विश्वास जताया था। उपचुनाव में संजय अवस्थी ने भाजपा उम्मीदवार रत्न सिंह पाल को कड़े मुकाबले मे 3277 मतों से मात दी थी। अब राजेन्द्र ठाकुर के निर्दलीय चुनाव लड़ने से इस सीट पर समीकरण बदलने वाले हैं।

